कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से एक पिता की ऐसी वारदात सामने आई है, जिसके बारे में आप न ही जानें तो अच्छा है. ऐसा पिता, जिसे अपने परिवार से लगाव तो था ही नहीं, साथ ही अपनी 17 साल की बेटी को ही हवस का शिकार बनाना चाहता था. एक रात में शख्स ने अपना पूरा परिवार अपने हाथों से ही खत्म कर दिया. आरोपी पिता पवन सिंह ने अपने 13 साल के बेटे का गला रेत दिया. और तो और उसने अपनी पत्नी की भी हत्या करने की कोशिश की. अब पवन सिंह फरार है.
पुलिस कार्रवाई में जुटी
फिलहाल, बताया जा रहा है कि पत्नी किस्मत से बच गई, लेकिन बेटे अंश ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. पुलिस मौके पर पहुंच कर कार्रवाई में जुट गई है.
13 साल के बेटे की निर्मम हत्या
मामला पडरौना कोतवाली क्षेत्र के देवकी नगर का है. जानकारी के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने ही पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद जांच में पता चला कि आरोपी पिता शराब के नशे में धुत था. वहीं, पीड़ित मां ने रोते हुए मीडिया को जानकारी दी कि शुक्रवार की रात को उसका पति पवन सिंह दारू के नशे में घर आया था. 13 साल के बेटे अंश ने ही दरवाजा खोला. इसके बाद आरोपी पवन सिंह ने अंश से बिस्तर लगाने को कहा. बेटा चादर लगाने लगा तो पीछे से आकर पवन सिंह ने उसका गला काट दिया. महिला जब अपने बच्चे को बचाने दौड़ी तो आरोपी ने उसका भी गला रेतने की कोशिश की. लेकिन, किसी तरह वह अपनी जान बचा पाई. महिला ने बताया कि उसके तीन बच्चे थे 2 बेटे और एक बेटी. बेटे अंश की हत्या उसके पिता ने कर दी.
नाबालिग बेटी ने सुनाई आपबीती
वहीं, बेटी ने बताया कि आरोपी पिता उसके साथ बद्तमीजी किया करता था और धमकी देता था कि अगर मां को बताया तो उसके सामने ही जान से मार देगा. इस डर से नाबालिग बेटी ने कभी अपनी मां से यह बात नहीं की. लेकिन, मम्मी को किसी और से पता चल गया. जब उन्होंने बेटी से इस बारे में पूछा, वह पिता के सामने से मां को ले गई और कोने में जाकर सच बताया. इसके बाद गुस्से में आई मां अपनी बेटी को आरोपी पिता के सामने लेकर आई और दोबारा वही सवाल किया. इस बार बेटी ने पिता के सामने सच बता दिया. लेकिन, आरोपी ने यह कहकर बचने की कोशिश की कि नाबालिग बेटी उससे बदला लेने के लिए झूठ बोल रही है. उसे फंसाना चाहती है.
मां ने अपने दोनों बच्चों के बचाया, लेकिन अंश को नहीं बचा सकी
रात के 9.30 बज रहे थे. उस समय मां प्रीति अपनी बेटी को लेकर घर छोड़कर जाने लगी तो आरोपी पिता ने उन्हें रोक लिया. इसके बाद खुद मार्केट जाने की बात बोलकर बाहर चला गया. देर रात जब वह नशे में धुत्त पवन वापस आया तो मासूम अंश ने दरवाजा खोला पिता का बिस्तर लगाने लगा. इसके बाद पवन सिंह ने पीछे से आकर उसका गला रेत दिया. जब मां बचाने गई, तो आरोपी पवन सिंह ने उसे भी मारने की कोशिश की. शोर सुन बेटी और दूसरा बेटा भी जग गए. मां प्रीति ने उन दोनों से कहा कि मुझे बचाने मत आओ, यहां से भाग जाओ. जब बेटी ने भागने के लिए दरवाजा खोला तो पड़ोसी उसे बचाने आए और फिर पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस के आने से पहले ही आरोपी पवन सिंह फरार हो चुका था.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.