लखनऊ: अल्पसंख्यक मंत्रालय की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के 158 कॉलेजों की लापरवाही सामने आई है. इन कॉलेजो के प्राचार्यों को केवाइसी प्रक्रिया के माध्यम से अपना आधार,पैन कार्ड और डिजिटल सिग्नेचर आदि को सत्यापित कराना था. लेकिन इन कॉलेजों ने अब तक इस प्रक्रिया को पूर्ण नहीं किया है.
मुख्य विकास अधिकारी ने जताई नाराजगी
महाविद्यालयों की लापरवाही के प्रति मुख्य विकास अधिकारी ने अपनी नाराजगी जाहीर की है. लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने निर्देश जारी करते हुए सभी महाविद्यालयों को जल्द से जल्द इस कार्यवाही को पूर्ण करने के लिए कहा है. कुलसचिव के द्वारा जारी पत्र के अनुसार भारत सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय की ओर से अल्पसंख्यक वर्ग (मुस्लिम, ईसाई, सिख, पारसी, जैन, बौद्ध) के छात्र-छात्राओं को शुल्क प्रतिपूर्ति योजना प्री-मैट्रिक,पोस्ट मैट्रिक एवं मैरीट कम मेंस छात्रवृत्तियां दी जाती हैं.लखनऊ विश्वविद्यालय के अन्तर्गत 178 महाविद्यालय संचालित है लेकिन उनमें करीब 158 कॉलेजों ने केवाइसी नहीं कराया है.

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