लखनऊ। एसजीपीजीआई के समान वेतन भत्ते की मांग को लेकर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं। केजीएमयू में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मंगलवार ओपीडी सेवा प्रभावित रही। दूर दराज से इलाज के लिए केजीएमयू आये मरीजों का पंजीकरण नहीं हो सका। केजीएमयू कर्मचारी परिषद ने इमर्जेन्सी सेवा को छोड़कर अन्य सभी सेवाए बंद रखने का फैसला किया है।
केजीएमयू कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि केजीएमयू के गैर शैक्षणिक कर्मियों को एसजीपीजीआई के समान वेतनमान एवं भत्ता देने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 23 अगस्त 2016 को शासनादेश जारी किया था। पांच वर्ष बीत जाने के बाद अभी तक मात्र 2 समवर्गो का ही समवर्गीय पुनर्गठन (कैडर किया गया है। उसमें भी सिर्फ़ एक ही समवर्ग के शासनादेश को लागू कर लाभ दिया गया है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने भी कर्मचारियों की मांग को जायज ठहराते हुए जल्द से जल्द समवर्गीय पुनर्गठन करने की बात कही थी। किन्तु अभी तक कोई भी निर्णय नहीं हो सका। प्रदीप गंगवार ने कहा कि केजीएमयू के कर्मचारी दिन रात कोविड से लेकर आम दिनों तक ट्रॉमा सेंटर से लेकर अन्य सभी विभागों में अपना योगदान दे रहे हैं। शासन की उदासीनता के कारण कर्मचारियों में उदासीनता के साथ-साथ रोष उत्पन्न हो रहा है। जब तक शासनादेश जारी नहीं हो जाता, हम अपना आन्दोलन वापस नहीं लेंगे।

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