मुठभेड़ में मारे गए यूपी के गैंगस्टर विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने ऋचा को 7 दिन में सरेंडर करने को कहा है. साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर ऋचा जमानत याचिका दाखिल करती है तो उस पर कानून के मुताबिक, सुनवाई की जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है. अब FIR खारिज करने की मांग कैसे की जा सकती है, SC ने FIR रद्द करने की याचिका खारिज की कर दी. उधर, ऋचा दुबे की ओर से सलमान खुर्शीद ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है.
दरअसल, बिकरू कांड मामले के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. ऋचा ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की थी. इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने IPC की धारा 419 और 420 के तहत दर्ज एक FIR रद्द करने से इंकार कर दिया था. ऋचा पर मर्जी के बिना कथित तौर पर नौकर का सिम कार्ड इस्तेमाल करने के आरोप है. याचिकाकर्ता, ऋचा दुबे ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 01 अक्टूबर, 2021 के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें HC ने याचिका को खारिज कर दिया था. तत्काल मामले में दर्ज FIR और उससे उत्पन्न होने वाली कार्यवाही को रद्द करने की मांग की गई थी.
क्या है कानपुर बिकरु काडं ?
बीते साल 2020 में 2/3 जुलाई की रात कानपुर के बिकरु गांव में विकास दुबे और उसके साथियों ने CO समेत आठ पुलिस वालों को रात के अंधेरे में घात लगाकर मार डाला था. पुलिसकर्मी विकास दुबे को पकड़ने गए थे. पुलिसकर्मियों की हत्या के अगले दिन ही पुलिस ने विकास दुबे के चाचा प्रेम प्रकाश पांडे और अतुल दुबे को मार गिराया था. इस मामले का मुख्य आरोपी विकास दुबे एक हफ्ते बाद मध्यप्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार हुआ था. लेकिन 24 घंटे के भीतर ही कानपुर के पास उसकी पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी. इस मामले में 45 आरोपी अभी भी जेल में बंद हैं. केस का ट्रायल अब भी जारी है.

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