राजभवन लखनऊ में शुक्रवार को एक विशेष कार्यक्रम में भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई) अहमदाबाद ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में प्रदेश के दो विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू (समझौता-पत्र) पर हस्ताक्षर किया। इसने न सिर्फ छात्रों को उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ाने का रास्ता खोला है बल्कि गांव-गिरांव में भी उद्यमियों को तैयार करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ईडीआईआई द्वारा इन्हें स्टार्ट-अप में मदद किया जाएगा।
एसोसिएट प्रोफेसर और प्रभारी उत्तर क्षेत्रीय कार्यालय ईडीआईआईआई लखनऊ डॉ. अमित कुमार द्विवेदी ने हिन्दुस्थान समाचार से विशेष बातचीत में बताया कि राजभवन में एक विशेष कार्यक्रम में इस समझौते को करने वाले विश्वविद्यालयों में गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) और कानपुर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम छात्रों को उद्यमिता के क्षेत्र में प्रशिक्षित एवं मार्गदर्शन करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालयों में लागू होना है। नए शैक्षिक सत्र से छात्रों के लिए लघु एवं दीर्घकालिक पाठ्यक्रम शुरू होंगे। इस बावत राजभवन लखनऊ में एक एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ है। किसानों और ग्रामीण महिलाओं को भी उद्यमिता से जोड़ने की योजना पर काम होना है। महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ल और सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक और एमएमएमटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पाण्डेय ने राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल के समक्ष हस्ताक्षर किया है। यह छात्रों को अब उद्यमिता के क्षेत्र में कदम बढ़ाने का अवसर देगा। प्रदेश को एक उद्यमी प्रदेश के रूप में अपनी पहचान दिलवाने के रास्ता भी खोलेगा।
तीन वर्ष के लिए है करार
उन्होंने बताया कि इस एमओयू के तहत उत्तर प्रदेश में नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में प्रगति होगी। किसानों, ग्रामीण महिलाओं, बेरोजगार युवाओं, छात्रों को प्रेरित एवं प्रशिक्षित किया जाएगा। दो विश्वविद्यालयों में उद्यमिता पाठ्यक्रमों का संचालन, छात्र को स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन में सहयोग, आपसी संसाधनों को साझा करना, फैकल्टी ट्रेनिंग, शोधपत्रों का पब्लिकेशन करने आदि में अब ईडीआईआई मदद करेगा। यह एमओयू 03 वर्ष की अवधि के लिए है।
एकेटीयू के साथ पहले से है करार
डॉ. अमित कुमार द्विवेदी ने बताया की डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) के साथ 13 जनवरी 2020 को ही ईडीआईआई से समझौता हो चुका है। एक बैच फैकल्टी ट्रेनिंग का कार्यक्रम भी पूरा करवाया जा चुका है। यहां के प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने संस्थानों में नवाचार को बढावा दे रहे हैं। ईडीआईआई समय-समय पर मार्गदर्शन कर रहा है। कोरोना काल में एकेटीयू द्वारा आयोजित आत्मनिर्भर भारत पर ऑनलाइन लेक्चर सीरीज में भी ईडीआईआई के फैकल्टी ने लेक्चर लेकर यहां के छात्रों को उद्यमिता की दिशा में प्रेरणा दी है।
यूपी के 270 प्रशिक्षुओं को मिल चुकी है ट्रेनिंग
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में ईडीआईआई ने नाबार्ड के सहयोग से उन्नाव, बलरामपुर, श्रावस्ती, जौनपुर, देवरिया, कुशीनगर, मऊ, सिद्धार्थनगर और बलिया में वर्ष 2020 से ही स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम से कर रहा है। यूपी में अब तक लगभग 270 प्राक्षिक्षुओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
9874 ग्रामीण उद्यमियों का हुआ सहयोग
ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भी उद्यमिता को बल दिया जा रहा है। ईडीआईआई ने इसमें सहयोग करते हुए उत्तर प्रदेश के 15 ब्लॉकों में ”स्टार्टअप विलेज एंट्रेप्रेंयूर्शिप कार्यक्रम” के तहत अब तक 9874 ग्रामीण उद्यमियों को प्रोत्साहित किया है। यह अभी जारी है।
बिंदी उत्पाद के 300 कारीगर हो चुके हैं प्रशिक्षित
डॉ. अमित कुमार द्विवेदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत बलिया जिले में ”बिंदी” उत्पाद के कारीगरों की ट्रेनिंग दी गई है। इनकी ट्रेनिंग के लिए अब तक 12 कार्यक्रम आयोजित हुए हैं। 300 कारीगरों का ट्रेंड किया जा चुका है। इतना ही नहीं, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (डीआई) के सहयोग से 45 कार्यक्रमों में 1125 विभिन्न ट्रेड के कारीगरों की ट्रेनिंग कराई गयी है।

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