उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी कर्मभूमि गोरखपुर को बड़ा तोहफा दिया है. राज्य सरकार ने गोरखपुर को महानगर का दर्जा दिया है और शुक्रवार को कैबिनेट बाय सर्कुलेशन में शहरी विकास विभाग द्वारा इस संबंध में लाए गए प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई. असल में गोरखपुर में मेट्रो ट्रेन को शुरू करना है. इसलिए शहर को महानगर का दर्जा दिया जाना जरूरी है.
जानकारी के मुताबिक मेट्रो ट्रेन को गोरखपुर में चलाना है और इसके लिए शहर को महानगर का दर्जा दिया जाना जरूरी है. मेट्रो ट्रेन को शुरू करने के लिए नियम है कि जिस शहर में मेट्रो शुरू की जानी है उसकी आबादी 40 लाख हो और उसके पास महानगर का दर्जा होना चाहिए. लिहाजा राज्य सरकार के इस फैसले के बाद गोरखपुर में मेट्रो शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है.

राज्य सरकार के बड़े फैसले


ईसीली द्वारा लगाए जाएंगे उपकरण
वहीं राज्य की योगी सरकार ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सीसीटीवी कैमरों, एक्सेस कंट्रोल और सुरक्षा उपकरणों की स्थापना और रखरखाव के लिए भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स निगम को नामित किया है. क्योंकि कोर्ट ने सभी कोर्ट में सीसीटीवी लगाने के आदेश दिए थे.।
सरकार ने राज्य निर्वाचन आयुक्त का बढ़ाया कार्यकाल
वहीं राज्य सरकार ने राज्य निर्वाचन आयुक्त, पंचायत एवं स्थानीय निकाय मनोज कुमार का कार्यकाल बढ़ाने का फैसला किया है. इसके लिए नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है. सरकार के फैसले के बाद मनोज कुमार विधानसभा चुनाव के बाद 2022 में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव भी करा सकेंगे.
बौद्ध मंदिर के लिए भूटान को लीज दी जाएगी जमीन
इसके साथ ही राज्य सरकार ने वाराणसी में बौद्ध मंदिर और गेस्ट हाउस बनाने के लिए भूटान की शाही सरकार को दो एकड़ जमीन देने का फैसला किया है. ये जमीन लीज पर दी जाएगी. राज्य सरकार भूटान को जमीन पांडेरा में देगी और भूटान सरकार बौद्ध मंदिर बनाएगी.

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