बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में डॉक्टरों और स्टाफ की लापरवाही से एक मरीज की मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हॉस्पिटल में जमकर हंगामा किया औऱ पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया और मामले की जानकारी ली। मृतक युवक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने नर्सिंग होम मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। तो वहीं, डीएम ने पूरे मामले की जांच सीएमओ को सौंपी है। सीएमओ ने डॉक्टर्स की कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला बुलंदशहर के नरसेना थाना क्षेत्र के करियारी गांव का है। गांव निवासी यूसुफ सैफी (45) कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने उसे बुलंदशहर नगर के दिल्ली रोड स्थित सुधीर नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। जांच के बाद चिकित्सक ने यूसुफ को डेंगू की पुष्टि की और प्लेटलेट्स कम होने की बात कही। आरोप है कि 21 अक्टूबर की सुबह उसे एक जूनियर चिकित्सक ने ऑपरेशन रूम में बुलाया। जहां पहले से मौजूद चिकित्सक और अन्य टीम ने उसे ऑपरेशन बेड पर लिटा दिया और पेट में चीरा लगाकर ऑपरेशन शुरू कर दिया।
होश आने पर युसूफ ने परिजनों को बताई ये बात बाद में युसूफ को होश आया तो उसने परिजनों को पेट के ऑपरेशन करने की बारे में बताया। इसके बाद यूसुफ सैफी की पत्नी साइन बेगम और बेटा आलमशेर इस बारे में पता किया। तो पता चला कि बुखार से पीड़ित युसूफ के स्थान पर किसी अन्य युसूफ का ऑपरेशन होना था, लेकिन डॉक्टरों ने बुखार से पीड़ित युवक का ऑपरेशन कर दिया। जिसके बाद यूसुफ सैफी की पत्नी साइन बेगम और बेटा आलमशेर ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर कालाआम पुलिस चौकी प्रभारी राम खिलाड़ी यादव मौके पर पहुंचे, लेकिन देर रात 10 बजे यूसुफ की उपचार के दौरान मौत हो गई।
एक नाम होने की वजह से हुआ गलत व्यक्ति का ऑपरेशन मामले में एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है की एक युसूफ नाम के व्यक्ति का पित्त की थैली का ऑपरेशन होना था, लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते बुखार से पीड़ित युसूफ नाम के व्यक्ति का ऑपरेशन कर दिया गया, जिसकी मौत हो गई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, सीएमओ विनय कुमार का कहना है कि मामले की जांच के लिए दो मेडिकल अफसरों की टीम बनाई गई है। जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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