अन्य धर्मों के लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने के आरोप झेल रहे यूपी कैडर के आईएएस इफ्तिखारूद्दीन की मुश्किलें जल्द ही बढ़ सकती हैं. इफ्तिखारूद्दीन के वीडियो वायरल होने के बाद उनके खिलाफ SIT जांच बिठाई गई थी और जांच रिपोर्ट भी तैयार हो गई है. मिली जानकारी के मुताबिक SIT को IAS के खिलाफ कई अहम सबूत भी मिल गए हैं. हालांकि अभी तक एसआईटी को मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन की छपी किताबों की प्रिंटिंग प्रेस के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है. जिसके कारण अभी तक एसआईटी अपनी रिपोर्ट शासन को नहीं सौंप सकी है.
बताया जा रहा है कि अभी एसआईटी को इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि उन्होंने इन किताबों को कहां से छपाया है. इसकी जानकारी जुटाने के लिए एसआईटी लगी हुई है और इसके कारण अभी तक उसने शासन को अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है. वहीं बताया जा रहा है कि अगर अगर एसआईटी बुधवार तक प्रेस का पता नहीं लगा पाई तो वह कल तक अपनी रिपोर्ट रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी.
एसआईटी ने एकत्रित किए सबूत
फिलहाल विवादित वीडियो मामले में गठित एसआईटी ने आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के खिलाफ सबूत इकट्ठा कर लिए हैं. अपनी जांच के दौरान उनके द्वारा लिखी गई तीन पुस्तकों के संबंध में भी जांच की गई है, जिन्हें रिपोर्ट में शामिल किया गया है. इन किताबों को सबूत के तौर पर एसआईटी पेश कर रही है. हालांकि एसआईटी की पूछताछ में मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने स्वीकार किया है कि उन्होंने किताबें लिखी हैं और इन्हें प्रकाशित भी किया है. जबकि नियमों के मुताबिक किसी भी अफसर और कर्मचारी को किताब या शोध लिखने के लिए सरकार से अनुमति लेनी होती है. लेकिन अपनी जांच में एसआईटी अभी तक यह पता नहीं लगा पाई कि किताबें कहां और किस प्रेस में छपी हैं.
एसआईटी ने जांच की पूरी
फिलहाल इस मामले में एसआईटी ने जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है. वह और सबूत जुटाने के लिए प्रिंटिंग प्रेस की पड़ताल कर रही है.इसके लिए बुधवार तक का समय लिया गया है और अगर इस दौरान प्रेस के बारे में जानकारी मिल जाती है तो एसआईटी प्रेस के मालिक से भी पूछताछ करेगी और उसे जांच में शामिल कर लिया जाएगा. अगर ऐसा संभव नहीं हुआ तो एसआईटी गुरुवार तक अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी.

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