रायबरेली। पूर्वी हवा और बंगाल की खाड़ी से उठने वाले चक्रवाती असंतुलन से प्रदेश के मैदानी भागों में दो दिन से झमाझम बारिश हो रही है। इसी का नतीजा है कि रायबरेली में 36 घंटे से हो रही बारिश ने बाढ़ सी स्थिति उत्पन्न कर दी है। हर गली मोहल्ले और गांव के गलियारों में पानी भरा हुआ है। दो दिन में रिकार्ड 220 एमएम बारिश हो चुकी है जो सितंबर में सबसे अधिक है।
पिछले तीन दिन में पूर्व की हवा का दबाव और चक्रवाती सर्कुलेशन बनने से जिले में बारिश का रेड अलर्ट बना हुआ है। पिछले 36 घंटे में रिकार्ड 220 एमएम पानी बरस चुका है। साथ ही 25 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने से घरों के कूलर और एसी बंद हो गए हैं। भीषण बारिश से हाल यह है कि गांव से लेकर शहर तक गली हो या मोहल्ले हर जगह पानी भरा हुआ है। जिले के संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन अवरुद्ध हो गया है। लोग घरों के भीतर कैद हो गए हैं।
गुरुवार रात से शुरू हुई मानसूनी बारिश ने आम जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। मूसलाधार बारिश से शहर के एक चौथाई मोहल्लों में पानी भर गया है जिस कारण घरों में भी पानी भर गया है। नगर पालिका की साफ सफाई और जल निकासी की पोल खुलकर सामने आ गई। जिला अस्पताल में पानी भरने से वैक्सीनेशन के साथ मरीजों को इलाज में दिक्कत आ रही है। पूरा जिला अस्पताल परिसर पानी से भरा हुआ है। शहर के भीतर पानी भरने से आवागमन में दिक्कत आ रही है तो निचले मोहल्लों में घरों के भीतर पानी भर गया है।
खेती के लिए अमृत साबित हुई बारिश
यह बारिश खेती के लिए अमृत सरीखी है। धान और खरीफ की अन्य फसल के लिए बारिश का पानी किसानों के लिए मददगार साबित हुआ है। किसानों को सिंचाई के लिए अलग से प्रयास नहीं करना होगा। हालांकि जिन खेतों में अधिक पानी भर गया है। उसके किसानों को खेत से नाली बनाकर पानी निकालने की सलाह दी गई है। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार यह बारिश खरीफ फसल के लिए बहुत लाभदायक है। किसानों को सिंचाई के लिए परेशान नहीं होना होगा। मौसम निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि 16 जिलों में चक्रवाती सर्कुलेशन का असर दिखा है, इस कारण आरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है। दो दिन तक इसी तरह मौसम के बने रहने का अनुमान है।

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