लखनऊ। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गईं हैं। इसके लिए रणनीतियां बनाई जा रही है ताकि कांग्रेस के वोटबैंक को दोबारा से खड़ा किया जा सके। पार्टी ने पहले ही उत्तर प्रदेश को दो हिस्सों में बांटकर दो उपाध्यक्षों पर संगठन की जिम्मेदापी सौंपी थी लेकिन इस बार प्रियंका गांधी प्रदेश को दो से ज्यादा हिस्सों में बांटने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
प्रदेश में कांग्रेस की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक बनाई जा सके इसके लिए प्रियंका गांधी ने एक ब्लू प्रिंट तैयार किया है। जिसके तहत प्रदेश के उपाध्यक्षों, महासचिवों और सचिवों का प्रभार आधा करने की तैयारी है। दरअसल, प्रियंका गांधी का मानना है कि कांग्रेसियों को छोटे फील्ड में बड़ी पारियां खेलने का टारगेट सौंपा जाए। इससे नतीजे भी बेहतर आने की उम्मीद है।
कांग्रेस उपाध्यक्षों, महासचिवों और सचिवों का प्रभार आधा करने से मतलब यह है कि उनके काम करने का दायरा कम कर दिया जाए। इसके पीछे का तर्क यह है कि जब पदाधिकारियों के क्षेत्रों को कम कर दिया जाएगा तो वह अपनी पूरी ताकत उन क्षेत्रों को मजबूत करने में लगाएंगे। जिससे परिणाम भी बेहतर मिलने की संभावना रहेगी।
कांग्रेस की मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक यूपी को दो हिस्सों में बांटा गया है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी। पूर्वी यूपी के लगभग 40 जिले का जिम्मा पूर्व विधायक पंकज मलिक देख रहे हैं। महासचिवों पर 9 से 12 जिलों की और सचिवों को 4-4 जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एक उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव संगठन को बेहतर नहीं पे रहे हैं। क्योंकि वह अपने इलाकों में नहीं पहुंच पा रहे हैं।
संगठन को मजबूत करने में जुटी कांग्रेस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने जानकारी दी कि प्रियंका गांधी ने योजना बनाई है कि संगठन पदाधिकारियों को छोटे इलाके सौंपे जाएं। अभी तक दो प्रदेश उपाध्यक्ष आधे-आधे जिलों का जिम्मा संभाले हुए हैं। लेकिन, अब इसे चार उपाध्यक्षों के साथ चार भाग में बांटने की योजना है। जिसका मतलब है कि एक उपाध्यक्ष को 15 से 20 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वहीं, महासचिवों को 10-12 की जगह 5-6 जिलों का जिम्मा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिवों से ऊपर से भी भार कम करते हुए 4 जिलों की जगह 2 जिलों में संगठन को मजबूत करने का लक्ष्य दिया जाएगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस व्यवस्था को सही ढंग से लागू करने के लिए प्रियंका गांधी ने 32 नए चेहरों को उत्तर प्रदेश की कांग्रेस इकाई में जगह दी है। जबकि पहले से ही 4 उपाध्यक्ष, 12 महासचिव, 24 सचिव, 18 सलाहकार और 8 नेताओं की कमिटी है। हालांकि अब इस कमिटी का जल्द से जल्द विस्तार हो सकता है।

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