प्रयागराजः संगम तट पर लगे माघ मेले में विश्व हिंदू परिषद के शिविर में होने वाले ‘गंगा समग्र’ कार्यक्रम में गुरुवार शाम को भव्य गंगा प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ. इस प्रदर्शनी का उद्घाटन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया. गंगा समग्र एवं सरकार की तरफ से लगाई गई प्रदर्शनी के माध्यम से माघ मेले में देश भर से आए हुए लोगों तक गंगा की स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़े इसका प्रयास किया गया है.
प्रदर्शनी का उद्देश्य
इस प्रदर्शनी के माध्यम से गंगा स्वच्छता, आरती समिति का निर्माण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, तालाब का निर्माण, घाट का निर्माण, जन जागरण रैली, सेमिनार, जल में मछलियों का प्रवाह जैसे अनेक प्रयासों के लिए प्रेरित किया जा रहा है. यह प्रदर्शनी दो भागों में लगाई गई है. पहले हिस्से में सरकार की तरफ से चलाए जा रहे है ‘नमामि गंगे परियोजना’ जिसमें जल शक्ति, गंगा प्रदूषण इकाई, जल निगम, मत्स्य विभाग, भारतीय वन्यजीव संस्थान, वन विभाग एवं नगर निगम द्वारा गंगा स्वच्छता के लिए किए गए अनेक प्रयासों को दिखाया गया है. दूसरी प्रदर्शनी विहिप की ओर से आयोजित की गई है. गंगा समग्र एवं सरकार की तरफ से लगाई गई प्रदर्शनी के माध्यम से माघ मेले में देश भर से आए हुए लोगो तक गंगा की स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़े इसका प्रयास किया गया है.
जनजागरण की आवश्यकता
इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि गंगा को मां का दर्जा दिया गया है. मां की रक्षा करना सबका का दायित्व है. उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी के दो पहलू हैं एक गंगा के भौगोलिक और उनके सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है. दूसरा गंगा की अविरलता और निर्मलता को लेकर है, जिसमें यह दर्शाया गया है कि गंगा किस तरह से प्रदूषित हुई हैं. गंगा नदी का प्रवाह अगर रोक दिया जाएगा तो इसकी अविरलता पर प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अब समय है सरकार के प्रयास को भुलाकर जनजागरण लाने की. ढाई हजार किलोमीटर गंगा की यात्रा में इसके दोनों किनारों में पड़ने वाले शहरों और गांव के लोगों के व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा.
गंगा का प्रवाह चालू रखना जरूरी
उद्घाटन समारोह में मौजूद कार्यक्रम और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि गंगा की निर्मलता के लिए आवश्यक है उनके प्रवाह को चालू रखा जाय. उन्होंने प्रयागराज में लगने वाले माघ मेले का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां जब मेला लगता है तो बांध से पानी छोड़ दिया जाता है बाद में स्थिति जस तस हो जाती है. गंगा समग्र प्रदर्शनी के क्षेत्रीय संयोजक चिंतामणि सिंह और सनी सिंह की देख रेख में तैयारी की गई है.

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