दूध और सब्जी लेने के लिए गुरुवार की सुबह लोग घर से निकले, लेकिन खाली हाथ वापस लौट आया। उन्हें न तो दूध मिला और न सब्जी बल्कि लाठी मिली। आवास विकास, पश्चिमपुरी, शास्त्रीपुरम व सिकन्दरा क्षेत्र में लोग दूध और सब्जी के लिए परेशान रहे। पुलिस का डंडा चला तो दुकान भी नहीं खुली। दुकानदारों का कहना है कि पुलिस डंडा दिखाती हैं ऐसे में कैसे दुकान खोल लें। हालांकि लोगों में इस बात का आक्रोश है कि जिला प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

पिछले तीन दिन से लोग दूध और सब्जी के लिए तरस रहे हैं। पुलिस ने बैरियर लगाकर दूधिया को रोक लिया है। गुरुवार को कुछ दूधिया निकल कर आ गए और आवास विकास एवं पश्चिमपुरी में दूध  बांटा। लेकिन न तो पश्चिमपुरी की सब्जी मंडी खुली और न किराना और डेयरी की दुकान। यहीं स्थिति शास्त्रीपुरम व आवास विकास की रही। लोगों ने सब्जी और दूध के लिए कई किलोमीटर की दौड़ लगाई, लेकिन दूध नहीं मिला। किराना की दुकान न खुलने की वजह से लोग आटा, दाल व चावल के लिए भी परेशान दिखे।

पश्चिमपुरी निवासी कुलदीप शर्मा का कहना है कि जैसे पहले सुबह आठ बजे तक किराना और सब्जी की दुकान खुलती थी, पुलिस को वैसे ही खुलवानी चाहिए। दूध और सब्जी के बिना कब तक परेशान होना पड़ेगा। वहीं शास्त्रीपुरम निवासी बृजेश कुमार कहते हैं कि प्रशासन को दूध और सब्जी लोगों के घर तक उपलब्ध करानी चाहिए। जब लोग लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं तो दूध, सब्जी व अन्य सामान मिलना चाहिए।

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