कोरोना वायरस से फैले संकट और लॉकडाउन के बीच सरकारी प्राइमरी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षामित्रों के फरवरी महीने का मानदेय जारी कर दिया गया है। वहीं एक-दो दिन में मार्च का भी मानदेय जारी कर दिया जाएगा। हालांकि  शिक्षामित्रों ने इस बात पर ऐतराज जताया है कि 10,000 जैसे अल्प मानदेय को भी सरकार समय पर नहीं दे पा रही है।
आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र शाही एवं दूरस्थ बीटीसी शिक्षा मित्र शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि सरकार शिक्षा मित्रों का मानदेय समय पर जारी करें ताकि उनका जीवन यापन चलता रहे। दूसरी तरफ सीतापुर में शिक्षा मित्रों ने अपने एक दिन का मानदेय मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का पहल शुरू कर दी है। सीतापुर में लगभग 16 लाख रुपये राहत कोष में दिए जाएंगे। इससे पहले शिक्षामित्रों और सरकारी प्राइमरी स्कूल में काम करने वाले शिक्षकों से उनके संघों ने अपील की थी कि वह जिलों में अपना एक दिन का वेतन कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के लिए राहत कोष में देने के लिए बीएसए को अपनी सहमति उपलब्ध कराएं।

राज्य कर्मचारियों की सैलरी में नहीं होगी कटौती :

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने घोषणा की है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन में न तो कटौती होगी और न ही उसे स्थगित किया जाएगा।उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत है और यह इस महामारी से उत्पन्न हुई चुनौतियों से मुकाबला कर लेगी। उन्होंने कहा कि जहां दूसरे प्रदेशों में वेतन में कटौती की जा रही है, वहीं यूपी सरकार ने मिसाल पेश की है। यूपी में सभी सरकारी कर्मचारियों को मार्च का वेतन बिना कटौती के जारी कर दिया गया है और आगे भी ऐसे ही चलता रहेगा।

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