प्रयागराज: यूपी की योगी सरकार ने सूबे में देश की सबसे बड़ी फिल्म सिटी बनाए जाने का एलान किया है, लेकिन इस एलान पर भी विवाद छिड़ गया है और इसे लेकर सियासत शुरू हो गई है. कांग्रेस पार्टी ने यूपी में फिल्म सिटी को अपना प्रोजेक्ट बताते हुए बीजेपी सरकार पर बेवजह की वाहवाही लूटने का आरोप लगाया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि करीब बत्तीस साल पहले यूपी में जब वीर बहादुर सिंह की अगुवाई में कांग्रेस की सरकार थी, तब नोएडा में फिल्म सिटी का प्रोजेक्ट शुरू किया गया था.
नोएडा में हुए फंक्शन में तत्कालीन सीएम वीर बहादुर और फिल्म इंडस्ट्री की कई हस्तियों के साथ ही वह खुद भी मंच पर मौजूद थे. कांग्रेस सरकार जाने के बाद यूपी में सपा -बसपा और भाजपा ने कई बार सरकारें बनाई लेकिन प्रोजेक्ट से कांग्रेस का नाम जुड़ा होने की वजह से उन्होंने इसे अमली जामा पहनाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई.
प्रमोद तिवारी के मुताबिक़ नोएडा की फिल्म सिटी में अब पहले जितनी जगह भी नहीं बची है. ऐसे में यह वाकई अमली जामा पहन सकेगा या फिर यह बीजेपी सरकार की जुमलेबाजी ही साबित होगा, यह देखना होगा. उनके मुताबिक़ यूपी चुनाव में अब सिर्फ सवा साल बचा है, ऐसे में सरकार सिर्फ घोषणाएं ही कर रही हैं, कोई भी प्रोजेक्ट अमली जामा नहीं पहन पा रहा है. बीजेपी सांसद रवि किशन और मनोज तिवारी ने भी ऐसी ही घोषणाएं की थीं, लेकिन वह कागजों से बाहर नहीं आ सकी हैं.
गलत करने वाले को मिले सजा
कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने फिल्म डायरेक्टर अनुराग कश्यप पर एक अभिनेत्री द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों पर कहा है कि बॉलीवुड में इन दिनों जो कुछ भी हो रहा है, उससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री की छवि खराब हो रही है. उनके मुताबिक़ अगर घटना पांच छह साल पुरानी है तो इस बात को अभी क्यों उछाला जा रहा है. अगर किसी ने गलत किया है तो उसे सज़ा मिलनी चाहिए, लेकिन इसके बहाने पूरी इंडस्ट्री को बदनाम नहीं करना चाहिए. उनके मुताबिक़ वह सपा सांसद जया बच्चन द्वारा थाली में छेद वाले बयान पर कुछ नहीं बोलना चाहते, लेकिन यह ज़रूर मानते हैं कि कुछ लोगों की वजह से पूरी फिल्म इंडस्ट्री की छवि धूमिल नहीं होनी चाहिए.
फिल्म इंडस्ट्री की छवि हो रही खराब
उनके मुताबिक़ सुशांत सिंह राजपूत-रिया चक्रवर्ती और कंगना रनौत के बाद अब अनुराग कश्यप पर लगा गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाला है. इन सभी मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए. फिल्म कलाकारों को लोग अपना आदर्श मानते हैं. लाखों परिवारों का पेट यहां से पलता है. ऐसे में ड्रग्स और यौन शोषण जैसी बातें यहां की गरिमा को गिराने वाली हैं, लेकिन बिना ठोस आधार और सिर्फ कुछ लोगों की वजह से ही पूरी इंडस्ट्री को बदनाम नहीं किया जा सकता.

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