उत्तर प्रदेश विधि आयोग को प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण मसौदा विधेयक पर दक्षिणी राज्यों और जम्मू कश्मीर समेत देशभर से 8 हजार सुझाव मिले हैं. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों और उच्चतम न्यायालय के वकीलों समेत प्रबुद्ध लोगों की ओर से भी सुझाव आए हैं.
उत्तर प्रदेश जनसंख्या (नियंत्रण, स्थायित्व और कल्याण) विधेयक, 2021 के मसौदे को उत्तर प्रदेश विधि आयोग की वेबसाइट पर इस महीने डाला गया था. 19 जुलाई तक जनता से सुझाव देने को कहा गया था. विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए एन मित्तल ने कहा, “हमें देशभर से आठ हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं. उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों और उच्चतम न्यायालय के वकीलों समेत कई प्रबुद्ध लोगों की ओर से भी सुझाव आए हैं.”
प्रस्तावित विधेयक का मसौदा तैयार करने वाले मित्तल ने कहा, “हम सुझावों का अध्ययन करने की प्रक्रिया में हैं. अच्छे सुझावों को मसौदे में शामिल किया जाएगा और आलोचनात्मक सुझावों पर भी विचार किया जाएगा.” मित्तल ने उम्मीद जताई कि सुझावों के आधार पर सरकार को अगस्त में रिपोर्ट भेजी जा सकती है.
विधि आयोग की सचिव सपना त्रिपाठी ने कहा कि आयोग के ईमेल आईडी और डाक पते पर उत्तर प्रदेश के अलावा देश के अन्य भागों से भी सुझाव आए हैं. त्रिपाठी ने कहा, “देश के दक्षिणी राज्यों और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित क्षेत्र से भी सुझाव आए हैं.” उन्होंने कहा कि सुझावों का विश्लेषण करने के बाद विधि आयोग मसौदा विधेयक के साथ अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार के अवलोकन के लिए भेजेगा.

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