यूपी के पंचायतीराज मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव को लेकर मेरठ समेत 51 जिलों में पहले परिसीमन होगा। इन जिलों में पंचायतों से नगर निकायों का गठन हो गया है। ऐसे में चुनाव से पहले परिसीमन आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले कोरोना और बाढ़ नियंत्रण को प्राथमिकता में ले रही है। चुनाव उसके बाद होगा।
पंचायतीराज मंत्री चौ.भूपेन्द्र सिंह निजी दौरे पर मेरठ पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में केन्द्रीय पशुपालन एवं मत्स्य राज्य मंत्री डा. संजीव बालियान, बुलन्दशहर सांसद भोला सिंह, विधायक सत्यवीर त्यागी, दिनेश खटीक, उमेश मलिक, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिन्दरपाल आदि से विचार-विमर्श किया। मीडिया से बातचीत में पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि सरकार पंचायतों के चुनाव को समय पर कराने का हरसंभव प्रयास कर रही है। मतदाता पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी हो गया है। अब सरकार सबसे पहले मेरठ समेत 51 जिलों के पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायतों के वार्डो का परिसीमन कराने जा रही है। जल्द ही इस संबंध में शासन स्तर से आदेश जारी कर दिये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में 51 जिलों की पंचायतों में परिवर्तन हो गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में परिसीमन आवश्यक हो गया है। मौजूद विधायकों ने मेरठ में हर्रा, खिवाई और शाहजहांपुर के पंचायत से नगर पंचायत होने की  जानकारी दी। इस पर मंत्री ने कहा कि अब परिसीमन होगा। उसके बाद वार्डो और अध्यक्षों का आरक्षण होगा। तब जाकर चुनाव के लिए सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग को प्रस्ताव भेजेगी। वैसे ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसम्बर, क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 14 जनवरी और जिला पंचायतों का कार्यकाल मार्च तक है। सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है कि चुनाव समय पर हो, लेकिन सरकार की प्राथमिकता में अभी कोरोना और बाढ़ नियंत्रण है। लोगों की जान बचाना पहला उद्देश्य है।

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