लखनऊ: राजधानी के राजकीय बाल गृह के 32 बच्चे हाल ही में कोरोना संक्रमित हुए थे, जिन्हें निराला नगर स्थित शेल्टर होम में आइसोलेशन में रखा गया था. हालांकि, 32 में से 19 बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है. निगेटिव बच्चों को मंगलवार को राजकीय बाल गृह में पहुंचा दिया गया है. बाल गृह के बच्चों का किस तरह से ख्याल रखा गया, खानपान में किस तरह की व्यवस्था थी और बच्चों के मनोरंजन के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई थी? इन्हीं तमाम बातों को लेकर ईटीवी भारत ने बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी से खास बातचीत की.
खानपान का रखा गया विशेष ख्याल
बाल कल्याण समिति की सदस्य सुधा रानी ने बताया कि कोरोना संक्रमित होने के बाद बच्चों को आइसोलेशन में रखा गया. करीब 13 दिन बाद 19 बच्चों की रिपोर्ट नेगेटिव आई. इस दौरान बच्चों के खानपान का विशेष ख्याल रखा गया, ताकि बच्चे जल्द से जल्द रिकवर हो जाए. आइसोलेशन में रह रहे बच्चों के लिए खाना बनाने वालों को अलग से रखा गया. बच्चों को सुबह-शाम नाश्ता और दोपहर और रात का खाना के अलावा पूरे दिन में तीन बार काढ़ा दिया जा रहा हैं, ताकि बच्चों के गले में जो खराश है वह दूर हो सके. और बच्चे संक्रमण को हरा सके.
रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद बाल गृह में हुआ हवन
उन्होंने बताया कि करीब 13 दिन निराला नगर स्थित आइसोलेशन में रहने के बाद संक्रमित बच्चों की रिपोर्ट नेगेटिव आई, जिसके बाद बाल गृह में बच्चों के साथ पूजा-पाठ और हवन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था, ताकि बच्चों को पॉजिटिव एनर्जी मिले. मंगलवार को 19 बच्चों को राजकीय बाल गृह में दोबारा भेज दिया गया है. जहां उनके रहने की पूरी व्यवस्था की गई है.
बच्चों के लिए रखी गई प्रतियोगिताएं
उन्होंने बताया कि आइसोलेशन में रहने पर बच्चे बोर न हो इसके लिए बच्चों के खेलकूद की पूरी व्यवस्थाएं की गई है. टेलीविजन लगाया गया हैं, पेंटिंग करने के लिए रंग और पेपर दिए गए. साथ ही बच्चों में प्रतियोगिताएं भी कराई गई. इसमें फेस पेंटिंग और लेखन प्रतियोगिता की गई. यह प्रतियोगिताएं इसलिए आयोजित की गई, ताकि बच्चे आइसोलेशन में बोर न हो. अपने माता-पिता को याद न करें और उनका मन लगा रहे.
180 बालगृह संचालित
उन्होंने बताया कि प्रदेश वर्तमान में 180 बाल गृह संचालित हो रहे हैं, जिनमें 1 से लेकर 18 साल के करीब 7 हजार बच्चे रह रहे हैं. बच्चों को बेहतर माहौल प्रदान करने के साथ ही उनके स्वास्थ्य की समुचित देखभाल के लिए अधीक्षक, केयर टेकर, काउंसलर और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की गई है. कोरोना काल में उनकी सेहत पर अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है, इसी उद्देश्य से बैठक की गई है. बाल गृह के कर्मचारियों का क्षमतावर्धन हो सके और उनके भलीभांति मालूम रहे कि बच्चों को कोविड से सुरक्षित रखने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है.

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