लखनऊ: राजधानी लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर गोमती नदी के दोनों किनारों पर बनाने की योजना तैयार हो गई है। इसके पहले फेस का डीपीआर भी 15 अगस्त तक देने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक डीपीआर उपलब्ध नहीं करवाया गया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि कंपनी द्वारा अगले सप्ताह पहले फेज का डीपीआर दिया जाएगा।
हालांकि इस मामले में एलडीए की तरफ से पहले ही दिशा निर्देश जारी किए गए थे और कहा गया था कि अगर समय रहते डीपीआर नहीं उपलब्ध करवाया गया तो जुर्माना भी लगाया जाएगा। दूसरी तरफ अगर पूरे निर्माण कार्य को समझने की कोशिश करें तो ग्रीन कॉरिडोर बनने से पहले ही लखनऊ स्थित शहीद पथ से वसंत कुंज के बीच में कई परिवर्तन देखने को मिलेंगे। यहां भूमिगत पानी और सीवर से जुड़ी सभी लाइन को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।
निर्माण कार्य में इन सुविधाओं से बाधा उत्पन्न होगी। इसीलिए डीपीआर में भूमिगत सभी तरह की सर्विस का पूरा विवरण मांगा गया है। इसका पूरा नक्शा एलडीए को उपलब्ध करवाया गया। दरअसल जब गोमती नदी के दोनों किनारों पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा तो कई जगहों की बिजली की लाइन, नाले नालियां, सीवर लाइन प्रभावित होंगी। उन्हें दूसरी जगह पर शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।
आपको बता दें कि लखनऊ में बनने वाला यह ग्रीन कॉरिडोर हरदोई रोड, सीतापुर रोड, पुराना लखनऊ और खदरा को गोमती नगर से जोड़ने का काम करेगा। इस कॉरिडोर के बनने के बाद 1 घंटे में पूरा होने वाला सफर मात्र 15 मिनट में पूरा हो जाएगा। निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो इसी को लेकर महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।

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