मुस्लिम समाज की शादियों में अब लड़कियों द्वारा दूल्हे का स्वागत करने और बैंड-बाजे के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई गई है. वहीं नए रीति-रिवाजों को रोकने के लिए सख्त फैसले लिए गए हैं. अगर किसी भी निकाह में ऐसा किया गया तो उलेमा निकाह नहीं पढ़ेंगे. यह फैसले मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में पंचायत ढकिया में लिए गए. तंजीम इस्लाह ए उम्मत और तंजीम फलाहे उम्मत के इंटरनेशनल सम्मेलन में कहा गया कि दूल्हे का स्वागत अब लड़कियां नहीं करेंगी.
सम्मेलन में कहा गया कि अगर किसी भी निकाह में फैसलों का उल्लंघन किया जाता है तो उमेला निकाह नहीं पढ़ेंगे. साथ ही सामाजिक स्तर पर इस तरह के परिवारों का भी बहिष्कार किया जाएगा. बता दें कि गुरुवार को मुरादाबाद में यूपी और उत्तराखंड के उलेमाओं का दीनी सम्मेलन हुआ था. इस सम्मेलन की अध्यक्षता बरेली शरीफ मरकज-ए-अहले सुन्नत के दारुल उलूम मंजर-ए-इस्लाम के प्रिसिपल हजरत अल्लामा मुफ्ती ने की. वहीं इसका संचालन हजरत अल्लामा कारी सखावत हुसैन रिजवी ने किया. इस सम्मेलन में मुस्लिम समाज की शादियों में फिजूल खर्च और गलत रस्मों के लेकर आपत्ति जताई गई.
‘निकाह में अब नहीं होगी फिजूलखर्ची’
उलेमाओं ने आपसी सहमति से फैसला लिया कि शादियों में पटाखे छोड़ना और डीजे बजाना बंद कराया जाएगा. इसके साथ ही लड़कियों द्वारा दूल्हे के स्वागत पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. साथ ही ये भी कहा गया कि जो भी परिवार इन फैसलों के खिलाफ दाएंगे. उन शादियों में कोई भी प्रभावशाली शख्सियत शिरत नहीं करेगी और न ही उलेमा वहां पर जाएंगे. इसके साथ ही इस तरह के परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला भी सम्मेलन में लिया गया. उन्होंने कहा कि उलेमा इस तरह के निकाह नहीं पढ़ेंगे.
‘लड़कियां नहीं करेंगी दूल्हे का स्वागत’
तंजीम इस्लाह ए उम्मत और तंजीम फलाहे उम्मत के इंटरनेशनल सम्मेलन में व्यापार मंडल संरक्षक हाजी मुख्तार सैफी, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के सीनियर उपाध्यक्ष हाजी रईस बल्ले खान, मदरसा रफीक उल उलूम के प्रिंसिपल कारी मुईद, बीकेयू नेता हाजी गुलजार खान, आसिफ रजा खान, मौलाना मुस्तफा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुजाहिद अली, शावेज अली, हाजी नूर हसन मुफ्ती मोहम्मद, अयूब, कलीम अहमद शामिल हुए.

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