अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बहुत लंबे वक्त से चले आ रहे मंदिर-मस्जिद विवाद का हल होने के बाद अब दोनों पक्ष अपनी-अपनी जगहों पर अपने-अपने धार्मिक स्थल बनाने में जुट गए हैं। गंगा जमुनी तहजीब का उदाहरण पेश करते हुए अयोध्या में बन रही मस्जिद के लिए सबसे पहला चंदा एक हिंदू नागरिक की तरफ से दिया गया है। इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सेक्रेटरी अथहर हुसैन ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गंगा-जमुनी तहजीब का उदाहरण देते हुए लखनऊ यूनिवर्सिटी में कार्यरत रोहित श्रीवास्तव मस्जिद कॉम्पलेक्स के लिए सबसे पहला योगदान किया है।
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए हुसैन ने कहा कि यह योगदान बहुत महत्वपूर्ण है और उन्होंने अयोध्या में पांच एकड़ आवंटित भूमि पर मस्जिद परिसर के निर्माण के लक्ष्य को प्राप्त करने उनके हौसले को बढ़ाया है। उन्होंने कहा, “कल हमारे लिए एक खुशी का दिन था जब हमने ट्रस्टियों के बाहर पहला दान स्वीकार किया। यह काफी विशेष है क्योंकि यह लखनऊ स्थित रोहित श्रीवास्तव की तरफ से आया था। उनके द्वारा किए गए इस कृत्य ने लखनऊ/ अवध की गंगा-जमुनी तहज़ीब का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है।”
हुसैन ने आगे कहा कि हमें उम्मीद है कि धनीपुर मस्जिद प्रोजेक्ट इसी विचार प्रक्रिया के तहत चलेगा। यह बेहद महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल के निर्माण, और अन्य सुविधाओं के लिए काम पूरी गति से चल रहा है और ट्रस्ट देश की इंडो-इस्लामिक संस्कृति के लंबे इतिहास को प्रदर्शित करने और अतीत में दो समुदायों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को उजागर करने के लिए उसी तर्ज पर काम करने की योजना बना रहा है।
हुसैन ने आगे कहा कि कॉम्पलेक्स के लिए वास्तुशिल्प डिजाइन लगभग तैयार होने के साथ, ट्रस्ट के सदस्य इसे अंतिम रूप देने के लिए शीघ्र ही एक बैठक करेंगे। ड्रॉ की मंजूरी के लिए स्थानीय अधिकारियों के पास पहुंचकर इसका पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम अयोध्या जिला पंचायत में नक्शा प्रस्तुत करेंगे, और हम तीव्र गति से अनुमोदन प्राप्त करने के लिए आशान्वित हैं। मस्जिद का निर्माण इस साल के आखिरी दो महीने के भीतर शुरू होने की संभावना है।”
इस बीच, ट्रस्ट ने सभी इच्छुक पक्षों से देश भर में दान स्वीकार करने के लिए विभिन्न बैंकों में दो खाते खोले हैं। हुसैन ने बताया कि इस बारे में डिटेल्स जल्द ही IICF के वेब पोर्टल पर दिखाई देने लगेंगी। ये पोर्टल भी जल्द ही लांच किया जाएगा। आपको बता दें कि अयोध्या में पांच एकड़ भूमि में मस्जिद के निर्माण और अन्य सुविधाओं की देखरेख के लिए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा IICF की स्थापना की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में अपने फैसले में यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए जमीन दी है।

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