गोंडा – जिलाधिकारी डा0 नितिन बंसल ने जनपद में निलम्बित व निरस्त कोटे की दुकानों का अब तक आवंटन न कराए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए निलम्बित दूकानों के प्रस्ताव 30 सितम्बर तक न प्राप्त हो जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की चेतावनी दी है तथा यह भी निर्देश दिए हैं कि कोटे की दुकानों का निलम्बन सिर्फ बयान के आधार पर कतई नहीं किया जाएगा। यह निर्देश जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पूर्ति विभाग की बैठक में दिए हैं।

जिलाधिकारी ने बैठक में निलम्बित व निरस्त दुकानों की समीक्षा की तो ज्ञात हुआ कि जिले में 39 कोटे की दूकानें निलम्बित हैं तथा 36 दूकानें निरस्त हैं परन्तु निलम्बित दूकानों के सापेक्ष काफी समय बीत जाने के बाद भी अभी तक प्रस्ताव नहीं प्रस्तुत किए गए हैं। इसी प्रकार निरस्त दूकानों की जगह नया चयन न कराए जाने पर भी उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब कोई भी कोटे की दुकान सिर्फ बयान के आधार पर कतई सस्पेन्ड नहीं की जाएगी तथा कोटे की दुकानों की जांचें अब तहसीलदार, नायब तहसीलदार अथवा बीडीओ नहीं करेंगें बल्कि एसडीएम या पूर्ति निरीक्षक अथवा उनसे उच्च स्तर के अधिकारियों द्वारा ही जांच अथवा परीक्षण किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने एक माह से अधिक समयावधि वाली सभी निलम्बित दूकानों के प्रस्ताव 30 सितम्बर तक न मिलने पर एसडीएम व पूर्ति निरीक्षक का उत्तरदायित्व निर्धारित करने की चेतावनी दी है। उन्होंने डीएसओ व एसडीएम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चेतावनी के बावजूद प्राक्सी करने वाले कोटेदारों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र के गोदामों का सत्यापन नियमित करते रहें।
बैठक में सीडीओ आशीष कुमार, एडीएम रत्नाकर मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश सिंह, एसडीएम सदर वीर बहादुर यादव, करनैलगंज ज्ञानचन्द्र गुप्ता, तरबगंज राजेश कुमार, मनकापुर आर0के0 वर्मा, डीएसओ वी0के0 महान, डीपीआरओ घनश्याम सागर, एआरओ भानु प्रताप सिंह सहित सभी पूर्ति निरीक्षक, खण्ड विकास अधिकारी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अब हाईस्कूल पास ही बन सकेगें कोटेदार –  शासन द्वारा उचित दर दूकानों/कोटेदार के लिए न्यूनतम शैक्षिक अर्हता निर्धारित कर दी गई है। अब किसी भी ग्राम पंचायत में कोटेदार का चयन अथवा दूकानों का आवंटन हाईस्कूल उत्तीर्ण व्यक्ति को किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि यह शासनादेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी होगा तथा अब निलम्बित अथवा निरस्त दूकानों के लिए हाईस्कूल पास अभ्यर्थी ही पात्र माने जाएगें। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी तथा सभी एसडीएम को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्ट – न्यूज नेटवर्क 24

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