irfan-pathanनई दिल्ली। आज इरफान पठान का जन्मदिन है। और बहुत कम क्रिकेटर ऐसे होते हैं जो बहद कम उम्र में ही अपना नाम और शोहरत हासिल कर लेते हैं। ऐसे ही एक क्रिकेटर हैं जिन्होंने बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई। लेकिन बहुत कम समय में चमक बिखेरकर ओझल भी हो गए। इरफान का पहला दौरा ऑस्ट्रेलिया का था

साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मजह 19 वर्ष की उम्र में एडिलेड टेस्ट में पदार्पण किया था। इरफान पठान ने सबका ध्यान अपनी तरफ उस वक्त खींचा जब अंडर-19 क्रिकेट में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी में 9 विकेट हासिल किए। इसके बाद इरफान को राष्ट्रीय टीम में जगह मिल गई। जहां उन्होंने गिलक्रिस्ट और हेडेन जैसे खतरनाक बल्लेबाजों के सामने अच्छा प्रदर्शन करते हुए भारत को जीत दिलाई।

सीरीज में इरफान ने अपने चयन को सही साबित किया। और टीम में अपनी जगह पक्की की। साल 2006 तक पठान राष्ट्रीय टीम का नियमित हिस्सा रहे। जिस तरह उन्होंने कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ीं थीं उससे लगता था कि कपिल देव के बाद भारतीय टीम में खाली हुई ऑलराउंडर की जगह को यह खिलाड़ी भर सकता है। लेकिन वह एक गलत सोच के शिकार हो गए।

साल 2006 में जब टीम इंडिया पाकिस्तान दौरे पर गई तब पठान की बहुत चर्चा हुई। पाकिस्तानियों ने कहा कि इरफान जैसे गेंदबाज पाकिस्तान के हर घर में है। लेकिन कराची टेस्ट में इराफन ने पहले ओवर की आखिरी तीन गेंदों में तीन विकेट लेकर धमाका कर दिया। यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहले ओवर में ली गई इकलौती हैट्रिक है। पठान टेस्ट हैट्रिक लेने वाले हरभजन के बाद दूसरे भारतीय थे।

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