भारतीय गेंदबाजों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए यहां मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन शुक्रवार को मेजबान आस्ट्रेलिया को पहली पारी में 151 रनों पर ही ढेर कर दिया। भारत ने दूसरे दिन अपनी पहली पारी सात विकेट के नुकसान पर 443 रनों पर घोषित कर दी थी। इस लिहाज से आस्ट्रेलिया 292 रन पीछे है और भारत के पास आस्ट्रेलिया को फॉलोऑन देने का मौका था, लेकिन मेहमान टीम ने ऐसा न करने का फैसला करते हुए अपनी दूसरी पारी खेलने का निर्णय लिया।

आस्ट्रेलिया की तरफ से मार्कस हैरिस और कप्तान टिम पेन ने सबसे ज्यादा 22-22 रन बनाए। ट्रेविस हेड ने 20 रनों का योगदान दिया। उस्मान ख्वाजा 21, शॉन मार्श 19, पैट कमिंस 17 रनों का योगदान दे सके। भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने छह विकेट लिए। रवींद्र जडेजा ने दो विकेट अपने नाम किए। ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी को एक-एक विकेट मिला। आस्ट्रेलिया ने दिन की शुरुआत बिना किसी नुकसान के आठ रनों के साथ की थी। पहले सत्र में उसने चार विकेट गंवाए तो दूसरे सत्र में तीन विकेट खोकर वह पूरी तरह से बैकफुट पर थी। तीसरे सत्र में बुमराह ने बाकी के तीन विकेट लेकर मेजबान टीम को बेहद सस्ते में पवेलियन भेज दिया।

बुमराह ने 15.5 ओवर की गेंदबाजी में 33 रन देकर 6 विकेट झटके। इस मैच में बुमराह ने शॉन मार्श का विकेट लेकर 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इतना ही, नहीं बुमराह के अलावा भारत ने भी 39 साल पुराना अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। मेलबर्न टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में बुमराह ने 6 विकेट चटकाए (15.5-4-33-6). जिससे कंगारु 151 रनों पर ढेर हो गए। दरअसल, मेलबर्न टेस्ट के दौरान शॉन मार्श के विकेट के साथ ही बुमराह ने इतिहास रच दिया। बुमराह पहले ऐसे भारतीय गेंदबाज बन गए, जिन्होंने अपने डेब्यू कैलेंडर ईयर (अपने टेस्ट करियर के पहले साल) में अब तक 45 विकेट हासिल किए हैं। बुमराह ने पूर्व भारतीय गेंदबाज दिलीप दोशी का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले भारत की ओर से डेब्यू कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड स्पिनर दिलीप दोशी के नाम था, जिन्होंने 39 साल पहले 1979 में 40 विकेट चटकाए थे।

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