भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओें ने एटा में स्कूल बस दुर्घटना में नौनिहालों की असमय मृत्यु पर दुख व्यक्त किया। प्रदेश मुख्यालय में कांफ्रेंस के दौरान चर्चा करते हुए प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चन्द्रमोहन ने कहा कि प्रदेश सरकार की शह पर कई शिक्षण संस्थान व्यवसायिक अड्डे बन गए हैं और सैफई कुनबे की सरपस्ती में फल-फूल रहे है।

एटा, मैनपुरी, इटावा के स्कूलों को न प्रशासन के आदेशों के पालन की चिंता है और न ही बच्चों की। एटा के जेएस विद्या पब्लिक स्कूल सपा की झण्डाबरदारी में यह भी भूल गया कि जिला प्रशासन ने सर्दी की वजह से स्कूलों की छुट्टी की है। शीतलहर और कड़ाके की ठण्ड के बीच छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल बुलाना और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करके 25 नौनिहालों की मौत के मुंह में धकेलने वाले विद्यालय प्रबंधन पर सिर्फ विद्यालय की मान्यता निरस्तीकरण की कार्यवाही 25 मौतों की जिम्मेदारी के लिए नाकाफी है।

प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चन्द्रमोहन ने कहा कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार भी इस दुर्घटना के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है जो शासन के आदेशों को अमल कराने में अक्षम रहे। इसलिए जिलाधिकारी और राज्य सरकार पर भी आपराधिक केस दर्ज होना चाहिए। उत्तर प्रदेश में सपा के संरक्षण में चल रहे ऐसे सभी विद्यालयय चिन्हित होने चाहिए जो धन उगाही के अड्डे बनकर मनमानी कर रहे हैं। इन सभी पर कार्यवाई होना चाहिए।

डॉ. चन्द्रमोहन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मांग करती है कि मृत बच्चों के परिजनों को 25-25 लाख मुआवजा दिया जाए तथा विद्यालय प्रबंधन के विरूद्ध आपराधिक धाराओं में केस दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाएं इसके साथ ही जिलाधिकारी एवं प्रशासन पर भी आदेश अनुपालन में अक्षम रहने पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।

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