reeta-bahuguna-in-bjpनई दिल्ली। विधानसभा चुनाव के लिए जोर-शोर से चुनाव अभियान में जुटी कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। यूपी कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और लखनऊ कैंट से विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने भाजपा का दामन थाम लिया है। गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली।

अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस के लिए करारी चोट है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि रीता के कांग्रेस छोड़ने से उसके ब्राह्मण वोटों के छिटकने की भी बड़ी संभावना है। रीता लखनऊ की लोकप्रिय नेता हैं और जनता से उनका संवाद काफी बेहतर माना जाता है।

दरअसल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रह चुकी रीता जोशी को उत्तर प्रदेश कांग्रेस में कुछ महीने पहले हुए फेरबदल में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी गई। रीता कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की किसान यात्रा में कहीं नजर आईं। वे कई महीने से पार्टी से नाराज थीं। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए ‘बाहरी’ शीला दीक्ष‍ित को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया।

रीता जोशी यूपी कांग्रेस की सबसे सीनियर महिला नेता मानी जाती थीं। ऐसे में किसी बाहरी को सीएम उम्मीदवार बनाने से उनका नाराज होना बनता है। बता दें 67 वर्षीय रीता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हेमवंती नंदन बहुगुणा की बेटी हैं। उनके भाई विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं रीता ने 2014 में लखनऊ से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गई थी। फिलहाल वे लखनऊ कैंट से विधायक हैं।

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