भारतीय जनता पार्टी यूपी सहित पांचों राज्यों का चुनाव पीएम मोदी के नाम, काम और चेहरे पर ही लड़ेगी. भाजपा चुनाव के बीच ‘ब्रैंड मेादी’ को हर जगह तक पहुंचाने की तैयारी कर चुकी है. यूपी में विधानसभा चुनाव के बीच मोदी की 7 से 10 रैलियां प्रस्तावित की गई हैं. रैलियां ज्यादातर उन जिलों में होंगी जहां परिवर्तन यात्रा के दौरान रैली नहीं हुई थी.

7 फेज में 7 रैलियां
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक हर फेज में कम से कम एक रैली पीएम की आयोजित की जाएगी. यूपी में 7 फेज में चुनाव होने हैं इसलिए 7 रैलियां तो तय हैं. वहीं कुछ फेज में एक से अधिक रैलियां भी कराने की रणनीति है. रैलियां वेस्ट यूपी से शुरू होकर पूर्वांचल तक अंजाम तक पहुंचेंगी. हाल में ही परिवर्तन यात्रा के दौरान भी पीएम ने बीजेपी के संगठन के नजरिए से बांटे गए सभी छह क्षेत्रों में रैलियों को संबोधित किया था.

माना जा रहा है कि बसंत पंचमी के आस-पास पीएम का यूपी में चुनावी अभियान भी शुरू हो जाएगा. तब तक पार्टी दो-तिहाई से अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतार सकेगी. टिकट वितरण के साथ ही प्रचार अभियान तेज करने के लिए बीजेपी ने विधानसभा स्तर तक समितियों का गठन शुरू कर दिया गया है. इसके लिए विधानसभावार चुनाव संचालन समिति गठित की जाएगी.

पूर्वांचल और वेस्ट यूपी पर खास जोर
चुनाव के पहले दो चरण वेस्ट यूपी में होने हैं. जबकि आखिरी तीन चरण के चुनाव पूर्वांचल के जिलों में होने हैं. बीजेपी का पूरा ध्यान वेस्ट यूपी और पूर्वांचल पर ही है. इसलिए इन दोनों ही क्षेत्रों में मोदी की 5 से 7 रैलियां कराने की तैयारी है. मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी है जो कि पूर्वांचल में पड़ता है. रैलियों के अलावा भी अपने क्षेत्र में माहौल बनाने के लिए कार्यक्रम के बहाने मोदी वहां आ सकते हैं. वहीं चुनाव के दौरान उत्तराखंड में भी होने वाली पीएम की रैली का स्थान उन बॉर्डर के जिलों में तय किया जा सकता है, जो वेस्ट यूपी से सीधे जुड़ते हैं. भाषण के लिए मुद्दे भी सपा-बीएसपी और कांग्रेस पर हमले के साथ ही स्थानीय समस्याओं पर भी केंद्रित होंगे.

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