टीम न्‍यूज नेटवर्क 24
जी हां सपा की कलह की असली वजह अमर और शिवपाल बताए जा रहे हों लेकिन परदे के पीछे खेल कोई और खेल रहा है। अखिलेश के कंधे पर बंदूक रख कर दनादन फायर किए जा रहे हैं। रामगोपाल व नरेश अग्रवाल अखिलेश के पक्ष में सिर्फ और सिर्फ अपने बेटों के लिए हैं। समय रहते वह अखिलेश के पाले में इसलिए आ गए ताकि उनके बेटों को आगे किसी भी मुश्किल का सामना न करना पड़े। रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय कुमार ने किस तरह फिरोजाबाद की लोकसभा सीट जीती थी वह किसी से छिपा नहीं है। यादव सिंह के काले कारनामों की कालिख रामगोपाल के बेटे तक पहुंची है। सीबीआई के हाथ अक्षय की गर्दन पर हैं। रामगोपाल की बेटे के लिए अखिलेश का साथ देना मजबूरी तो है ही और फायदा भी। अखिलेश के साथ रहने पर उनके दुश्‍मन अमर व शिवपाल दूर रहेंगे और कोई चेक प्‍वाइंट भी न होगा। सपा पार्टी के लिखा पढ़ी का काम पहले भी वह देखते रहे हैं इसलिए कागजी सम्‍बन्‍धी कार्रवाई को भली भांति परखने के बाद ही साइकिल पर मजबूती से दावा ठोंक रहे हैं। चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद रामगोपाल यादव ने बताया कि हमने अपना पक्ष रखा. रामगोपाल यादव ने कहा कि हमारे साथ पार्टी के 90 फीसदी विधायक और 80 से 90 फीसदी डेलीगेट्स हैं. इसलिए असली समाजवादी पार्टी वो है जिसके अध्यक्ष अखिलेश यादव हैं. इसलिए अखिलेश यादव की अध्यक्षता वाली पार्टी को ही समाजवादी पार्टी माना जाये.

ऐसा कोई सगा नहीं, नरेश अग्रवाल ने जिसे ठगा नहीं                                                                          नरेश अग्रवाल ऐसे नेता हैं जिन्‍होंने पार्टियों को कपड़ेां की तरह बदला। अवसरवादिता की मिसाल बने नरेश अग्रवाल जब मुलायम के खिलाफ आग उगल रहे थे तब वह दिन याद आ रहे थे जब कल्‍याण का तख्‍ता पलटने में वह किस तरह आगे रहे थे। इस बार वह भाजपा में जाने के लिए बेताब थे लेकिन कहीं दाल नहीं गली। अब अखिलेश की जी हुजूरी में ही भलाई समझने वाले नरेश मुलायम को नेता मानने को तैयार नहीं। नरेश अग्रवाल बड़ी बेशर्मी से कहते हैं कि अखिलेश हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. समाजवादी पार्टी और साइकिल हमारी है और हमें मिलनी चाहिए. नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल सपा सरकार में मंत्री हैं और उनका कामकाज बेहद निराशाजनक रहा है। सपा में बेटे का आगे का भविष्‍य अखिलेश पर ही टिका है।

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