लखनऊ: समाजवादी पार्टी साथ गठबंधन को पूर्ण रूप से उतावले नजर आ रहे शिवपाल सिंह यादव ने अब यूपी की राजनीति में नया बयान बम फोड़ा है. उन्होंने बरेली में यह दावा किया कि, मुलायम सिंह यादव से उनकी बात हो गई है और उन्होंने शिवपाल को इस बात का भरोसा दिया है कि आने वाले चुनावों से पहले अखिलेश प्रसपा से गठबंधन की बात पर सहमत हो जाएंगे. बकौल शिवपाल, मुलायम ने यह भी कहा है कि अगर इस गठबंधन पर अखिलेश और समाजवादी पार्टी के नेता तैयार नहीं होते तो फिर वह खुद शिवपाल की पार्टी के चुनाव प्रचार में उतर आएंगे और लोगों के बीच जाकर प्रसपा के लिए वोट मांगेंगे.
शिवपाल प्रदेश में निकाली जा रही अपनी रथयात्रा को लेकर बरेली पहुंचे थे. यहीं पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने यह बड़ा दावा किया. हालांकि यह पहली बार नहीं है कि वह मुलायम द्वारा उनकी पार्टी का प्रचार करने का दावा कर रहे हैं. इससे पहले भी वह कुछेक मौकों पर कह चुके हैं कि उन्हें मुलायम का पूरा आशीर्वाद प्राप्त है और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी भी उन्होंने मुलायम के कहने पर ही बनाई है.
कबसे चल रही है तनातनी
शिवपाल के इस बयान के परिपेक्ष्य हम मुलायम शिवपाल और अखिलेश के रिश्ते के बैकग्राउंड और तनातनी पर भी एक नजर डाल लेते हैं. यूपी की सियासत के जानकार बताते हैं कि शिवपाल और उनके भतीजे के बीच तनातनी तब से चल रही है, जब सपा को बहुमत मिलने पर मुलायम ने शिवपाल के बजाय अखिलेश को सीएम की गद्दी दे दी थी. यह विवाद तब और बढ़ गया जब मुलायम ने अखिलेश से पार्टी प्रदेशाध्यक्ष का पद छीनकर छोटे भाई शिवपाल को दे दिया था.
इससे तिलमिलाए अखिलेश ने शिवपाल से कई महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे. दोनों पक्षों के बीच दिल्ली में चार घंटे मैराथन चर्चा चली, पर इससे सुलह का कोई फॉर्मूला नहीं निकला. उसके बाद से इन दोनों के बीच अलगाव चला ही आ रहा है, भले ही कई बार यह जताया गया कि डैमेज कंट्रोल कर लिया गया है, पर वास्तव में इन दोनों का रिश्ता इसके बाद सामान्य नहीं हुआ.

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