टीम न्‍यूज नेटवर्क 24

समाजवादी पार्टी में कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। बाप बेटे के बीच सुलह के सारे रास्‍ते बंद हो चुके हैं। अमर और शिवपाल को हटाना अखिलेश की पहली शर्त है। उधर मुलायम अमर को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। रामगोपाल यादव ने कहा है कि सपा में कोई समझौता नहीं होने जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘अखिलेश यादव ही हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. हम उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे. चुनाव चिन्ह का फैसला चुनाव आयोग करेगा.’ पार्टी चिन्ह को लेकर दोनों ही गुटों में संघर्ष जारी है. साइकिल का निशान किसका होगा इसके लिए मुलायम सिंह और अखिलेश यादव का खेमा चुनाव आयोग से मिला और साइकिल चुनाव चिन्ह पर दावा ठोका.

रामगोपाल बाप बेटे में सुलह नहीं होने देना चाहते
रामगोपाल कभी नहीं चाहते कि बाप बेटे एक हों जबकि आजम दोनों को मिलाने में जुटे हैं। हालांकि, दोनों गुटों के बीच सुलह की कोशिशें बेकार होती दिख रही हैं. मुलायम सिंह यादव अपने खेमे से बातचीत कर रहे हैं. इससे पहले सुलह का फॉर्मूला लेकर आजम खान दिल्ली पहुंचे लेकिन मुलायम आजम से बिना मिले लखनऊ के लिए निकल गए. सपा में सुलह के जिस फॉर्मूले पर बात हो रही है उसके मुताबिक अखिलेश मुलायम सिंह के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ सकते हैं. वहीं टिकट बंटवारे की जिम्मेदारी अखिलेश को दी जाएगी. शिवपाल यादव की भूमिका राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ाई जाएगी. सभी नेता यूपी चुनावों पर फोकस करेंगे और मिलकर अभियान में जुटेंगे. लेकिन नरेश अग्रवाल और रामगोपाल यादव किसी भी फार्मूले को नहीं मानना चाहते। मुलायम सिंह यादव की अखिलेश के साथ मुलाकात पर पार्टी विधायक सुधीर सिंह ने दिल्ली में कहा कि इस मुलाकात के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा. पार्टी विधायक ने कहा कि सभी कार्यकर्ता मुलायम सिंह और अखिलेश के साथ हैं. जल्द ही सभी गतिरोध दूर कर लिए जाएंगे.

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