लखनऊ। देश के रक्षामंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर संसदीय क्षेत्र पहुंचे। राजनाथ सिंह पूर्व सीएम कल्याण सिंह की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे। इसके पहले उन्होंने चौक फ्लाईओवर समेत 180 विकास कार्य योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। 2.2 किलोमीटर लंबे चौक फ्लाईओवर से करीब 7 बड़े इलाके के लोगों को आवागमन में आसानी होगी। लखनऊ को कुल 1710 करोड़ की योजनाओं की सौगात रक्षामंत्री ने दी है।
उन्होंने एसपी पर जमकर हमला बोला। राजनाथ सिंह ने कहा कि एसपी के शासनकाल में हर तीसरे दिन दंगा होता था। प्रदेश की कानून व्यवस्था बहुत खराब थी, लेकिन योगी के शासनकाल में पिछले साढ़े चार साल में कोई दंगा नहीं हुआ है। प्रदेश की जनता खुशहाल है।
इकोनॉमी में यूपी आज दूसरे नंबर पर है: योगी
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का शिलान्यास सम्पन हुआ है। ये बदलते हुए प्रदेश की तस्वीर है। बीजेपी सरकार से पहले हर एक फील्ड में प्रदेश पिछड़ता गया। निवेश की संभावनाओं की बात होती थी तो यूपी में प्रति व्यक्ति आय जितनी 1947 में थी, उतनी ही रही। यूपी में एवरेज 3 दिन में एक दंगा होता था। जिसमें जान और माल का नुकसान होता था। भारत में यूपी पहले 14वें स्थान पर था, आज 2 नंबर पर है। आज के इस डिजिटल युग में डाटा का अपना महत्व है। आज यूपी में कई डाटा सेंटर बन रहे हैं। यूपी की इकोनॉमी 6 नंबर से 2 पर आ गई है। आने वाले समय में यूपी देश की नंबर-1 इकोनॉमी बन कर सामने आएगा।
राजनाथ सिंह ने की सीएम योगी की तारीफ
राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी की तारीफ करते हुए कहा कि अगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न होते तो शायद मैं लखनऊ में इतना काम न कर पाता। इस पूरे विकास का श्रेय सभी को जाता है, सिर्फ मुझे नहीं जाता है। होर्डिंग को लेकर उन्होंने बोला कि यह संसदीय क्षेत्र अटल बिहारी वाजपेयी का रहा है, इसलिए होर्डिंग में उनकी फोटो सबसे ऊपर हो, ऐसी मैं सभी से कामना करता हूं।
पांच साल में हुए करीब 1035 दंगे
अखिलेश यादव की सरकार में हुए दंगों में मुजफ्फरनगर का नाम सबसे पहले आता है। मुजफ्फरनगर में 62 लोग मारे गए थे। जानकारी के मुताबिक, 2012 में यूपी में कुल 227 दंगे हुए। 2013 में 247, 2014 में 242, 2015 में 219 तो वहीं 2016 में भी 100 के ऊपर दंगे देखने को मिले। एसपी शासनकाल में आंकड़ों के मुताबिक दंगों के मामले में यूपी देश में नंबर एक पर था। ये दंगे सिर्फ धार्मिक नहीं थे। जमीन को लेकर, जाति को लेकर, छात्रों के दंगे सब शामिल हैं। दंगे का नाम आते ही हिंदू-मुस्लिम जेहन में आते हैं, पर यूपी में पब्लिक की हिंसा हर स्तर पर रही है।

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