कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं की झड़प के बीच बड़े नेताओं की जुबानी जंग भी तेज हो रही है। बंगाल की एक रैली में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के विवादित बयान पर बवाल मचा है। उत्तरी 24 परगना के बामनघाटा इलाके में बीजेपी का चाय पर चर्चा कार्यक्रम था जिसका मकसद था पार्टी कार्यर्ताओं के साथ जिले में प्रचार अभियान तेज करना लेकिन जय श्रीराम के जय घोष के साथ दिलीप घोष के मंच पर आते ही माहौल बदल गया। सार्वजनिक मंच से दिलीप घोष ने एक विवादित बयान दे डाला।
दिलीप घोष ने कहा, “हम अनुशासित लोग हैं जो राजनीतिक मामलों को भी मर्यादित तरीके से संचालित करने में यकीन रखते हैं, लेकिन हमारे हाथ और पैर सही से काम करते हैं और अगर हमें उनका इस्तेमाल करने पर मजबूर किया गया, तो हम भी ऐसा जवाब देंगे कि उन्हें अपने घावों पर लगाने के लिए बैंडेज कम पड़ जाएंगे।”
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने टीएमसी को ललकारते हुए कहा कि जिस टीएमसी हमारे कार्यकर्ताओं को उकसा रहे हैं, हम भी चुप नहीं बैठेंगे। टीएमसी के दिन बस गिने चुने रह गए हैं, अगले 4-5 महीने में बंगाल का मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा। उन्होंने कहा, “अगले चार से पांच माह में एक भाजपा मुख्यमंत्री नबन्ना बिल्डिंग में बैठेगा। अगर वे लोग इसे सहन नहीं कर सकते, तो मैं उन्हें होम्योपैथी की कुछ दवाएं लेने की सलाह देता हूं।”
दिलीप घोष ने तमाम लोगों और कार्यकर्ताओं का बीजेपी में स्वागत करने का आह्वान किया, ताकि ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ फेंका जाए। पश्चिम बंगाल के बाद उधर असम में अमित शाह की यात्रा के बाद बीजेपी में दूसरे दलों के नेताओं का आना शुरू हो चुका है। कांग्रेस से निकाले गए विधायक अजंता नियोग ने कहा है कि वो अगले एक दो दिन में बीजेपी ज्वाइन करेंगे।

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