पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में टीएमसी के हाथों मिली करारी हार के बाद से ही बंगाल बीजेपी के शीर्ष नेताओं के मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. बंगाल बीजेपी में न सिर्फ भगदड़ जारी है बल्कि शीर्ष नेता एक-दूसरे पर सार्वजनिक मंचों से हमले भी कर रहे हैं. दिल्ली में आज बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले पार्टी उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने ये कहकर सबको चौंका दिया है कि जल्द ही बंगाल बीजेपी में संगठन के स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. बंगाल में बीजेपी काफी खराब स्थिति से गुजर रही है और हाल ही में दो सीटों पर हुए उपचुनाव में भी पार्टी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है.
पूर्व बंगाल बीजेपी चीफ दिलीप घोष ने कहा, ‘पार्टी अध्यक्ष और संगठन महासचिव हमारे राज्य की टीम से बात करेंगे और उसके आधार पर संगठन में कुछ बदलाव होंगे. अब कार्यकारी बैठक करीब डेढ़ साल बाद होने जा रही है.’ घोष ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री, केंद्र सरकार के साथ काम करने वाले बीजेपी कार्यकर्ता मीटिंग में होंगे. बंगाल बीजेपी लीडरशीप इस मीटिंग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होगी. घोष ने आगे कहा कि मीटिंग के मुख्य एजेंडा में संगठनात्मक मुद्दे, कार्यक्रम और पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव हैं. पूर्व बंगाल बीजेपी चीफ से जब संगठन को लेकर तथागत रॉय की टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘तथागत राय के पास कोई मुद्दा नहीं है. वह पार्टी में भी कोई पद नहीं संभाल रहे. यह हमारी पार्टी का मसला नहीं है.’
तथागत रॉय पार्टी छोड़ दें: घोष
दिलीप घोष ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और मेघालय के पूर्व गवर्नर तथागत रॉय पर निशाना साधते हुए कहा है कि अगर वो पार्टी के कामकाज करने के तरीके से खुश नहीं हैं और निराश हैं तो पार्टी छोड़ कर जा सकते हैं. दिलीप घोष ने कहा, ‘अगर वो खुश नहीं है और पार्टी में जो कुछहो रहा है उससे वो निराश हैं तब वो पार्टी छोड़ क्यों नहीं रहे हैं? दिलीप घोष ने सेंट्रल वर्किंग कमेटी की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही.
दिलीप घोष ने आगे कहा कि आपने मौजूदा समय में पार्टी के लिए कुछ नहीं किया लेकिन पार्टी ने आपके जैसे लोगों के लिए सबकुछ किया. हालांकि, दिलीप घोष के इन बयानों पर तथागत रॉय ने ज्यादा कुछ कहने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि दिलीप घोष ने जो कुछ भी कहा वो उसे ज्यादा महत्व नहीं देना चाहते हैं.
तथागत रॉय ने भी दिया जवाब
इससे पहले तथागत रॉय ने ट्वीट कर कहा, ‘घोष कभी भी मेरे जवाब को नहीं समझ पाएंगे. उन्हें समझाने का प्रयास व्यर्थ है. इसलिए मैं इसे ज्यादा महत्व नहीं दे रहा हूं.’ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हाल में बीजेपी को मिली पराजय के बाद से रॉय लगातार दिलीप घोष, कैलाश विजयवर्गीय , अरविंद मेनन और शिव प्रकाश जैसे वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते रहे हैं.
इधर दिलीप घोष द्वारा पार्टी छोड़ने की नसीहत दिये जाने पर तथागत रॉय ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ‘दिलीप घोष ने मुझे सलाह दी है कि अगर मैं पार्टी में शर्मिन्दगी महसूस कर रहा हूं तो मुझे पार्टी छोड़ देना चाहिए. मैं उन्हें गंभीरता से नहीं लेता. मैं पार्टी का एक साधारण सदस्य हूं, लेकिन मैं बना रहूंगा और पार्टी को सही देशा में ले जाने का प्रयास करता रहूंगा.’
विजयवर्गीय पर उठाए थे तथागत ने सवाल
2 नवंबर को अपने एक ट्वीट में रॉय ने कहा था कि इस पराजय की जिम्मेदारी केडीएस की टीम के कंधों पर है. उन्होंने केडीएसए शब्द के जरिए कैलाश विजयवर्गीय, दिलीप घोष, शिव प्रकाश और अरविंद मोहन पर निशाना साधा था. बता दें कि इसी साल पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने बेहतरीन जीत हासिल की थी. टीएमसी ने 292 सीटों में से 213 सीटों पर कब्जा जमाया था, जबकि बीजेपी 77 सीटें ही जीत पाई थी.
साल 2002 से 2006 के बीच तथागत रॉय पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रमुख थे. उन्होंने एक कुत्ते और पश्चिम बंगाल भाजपा के इंचार्ज कैलाश विजयवर्गीय की एक विवादित फोटो भी शेयर की थी. पिछले महीने तथागत रॉय ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वो पार्टी के कुछ शीर्ष नेताओं की वजह से शर्मिंदा हैं. उन्होंने कहा था कि जिस तरह पार्टी के एक नेता एक टॉलीवुड अभिनेता की तारीफ कर रहे थे उससे उन्हें शर्मिंदगी मसहूस हुआ है.
जॉय बनर्जी ने पार्टी छोड़ने का ऐलान
बीजेपी के लिए एक और मुसीबत की बात यह भी है कि अभिनेता से बीजेपी नेता बने जॉय बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खत लिखा है जिसमें उन्होंने इशारा किया है कि वो टीएमसी ज्वाइन कर सकते हैं. जॉय बनर्जी ने पीएम को लिखे खत के बारे में कहा, ‘नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर मैंने 6 मार्च, 2014 को बीजेपी ज्वाइन किया था, लेकिन 6 नवंबर 2021 को मैंने पीएम मोदी को खत लिखा कि मैं पार्टी छोड़ रहा हूं. बीजेपी अब जनता से जुड़ी नहीं हैं. मैं चाहे सिनेमा में रहा या फिर राजनीति में…मैंने हमेशा लोगों के लिए काम किया.’

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