मतदाताओं से धन स्वीकार करने की बात कहने वाले नेताओं की सूची में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम भी तब शामिल हो गया जब उन्होंने लोगों से कहा कि वे अन्य पार्टियों से पैसे ले लें, लेकिन वोट उनकी पार्टी को ही दें। अखिलेश ने ज्ञापनपुर में आयोजित एक रैली में कहा ‘मैंने सुना है कि वह लोगों को धन बांट रहे हैं। हम अपने लोगों से कहते हैं कि पैसा रख लेना और साइकिल को वोट दे देना।’

अखिलेश का यह बयान उनके लिये मुश्किलें खड़ी कर सकता है, क्योंकि रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी पूर्व में ऐसी बात कहकर दुश्वारी में पड़ गए थे। पर्रिकर ने कहा था कि अगर मतदाता दूसरी पार्टियों से धन लेते हैं, तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं है, बशर्ते वे केवल कमल (बीजेपी का चुनाव चिह्न) को वोट दें।

चुनाव आयोग ने पर्रिकर के इस बयान का संज्ञान लेते हुए उन्हें बयान देने में संयम बरतने की सख्त हिदायत दी थी। आयोग ने गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान पर्रिकर द्वारा दिए गए इस बयान को मतदाताओं को वोट के बदले नोट लेने का प्रलोभन माना था। इसके पूर्व, चुनाव आयोग ने ऐसा ही बयान देने के आरोप में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.