हरियाणा विस चुनाव लड़ेंगे अपने दम परbjp
नई दिल्ली, आगामी हरियाणा विधानसभा चुनाव अपने दम पर लडऩे का निर्णय करते हुए भाजपा ने उससे नाता तोडऩे वाली हरियाणा जनहित कांग्रेस पर आज आरोप लगाया कि यह पार्टी लोकसभा चुनाव के समय से ही कांग्रेस की बी-टीम के रूप में काम रही है और आम चुनावों की तरह अब विधानसभा चुनावों में भी प्रदेश की जनता उसे अच्छा सबक सिखाएगी। भाजपा पर छल करने का आरोप लगा कर उससे तीन साल पुराना रिश्ता तोडऩे के हजकां अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई के ऐलान के कुछ ही देर बाद भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने यहां कहा कि यह हजकां ही है जिसने भाजपा से गठबंधन करने के बावजदू लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की बी टीम बन कर काम किया।
लोकसभा चुनाव के बाद राजग से नाता तोडऩे वाली हजकां पहली पार्टी है। शाहनवाज ने कहा कि कांग्रेस के खिलाफ जनता के आक्रोश की जमीनी हकीकत को हजकां समझ नहीं पाई और उसकी बी टीम के रूप में काम करती रही है। उनके अनुसार इसके चलते नरेन्द्र मोदी की इतनी बड़ी हवा होने के बावजूद हजकां के दोनों उम्मीदवारों को वहां की जनता ने नकार दिया।उन्होंने कहा कि मोदी लहर में भाजपा से मिल कर चुनाव लडऩे के बावजूद दोनों सीट हार जाने पर भी बिश्नोई जमीनी हकीकत को नहीं समझ रहे हैं और ख्वाबों मेें मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। लोकसभा चुनाव में जनता उनकी पार्टी को आईना दिखा चुकी है और अब विधानसभा चुनाव में जनता उनका बचा खुचा गुमान भी तोड़ देगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और अपने ही दम पर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने दावा किया, हरियाणा की जनता भाजपा की सरकार और भाजपा का मुख्यमंत्री देखना चाहती है। भाजपा और हजकां के बीच दरार लोकसभा चुनावों से नजर आ रही थी। हजकां ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा और दोनों पर हार गई जबकि भाजपा ने सात सीटों पर जीत दर्ज की। विधानसभा चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर भी दोनों दलों के बीच मतभेद होने के कारण उनके संबंध तनावपूर्ण थे। बिश्नोई 90 में से 45 सीटें मांगते हुए कह रहे थे कि उन्हें गठबंधन का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाए। भाजपा दोनों ही मांगों को खारिज करती रही है।
शाहनवाज ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के दौरान ही हमने हजकां से कह दिया था कि अगर वह कांगेे्रस की बी-टीम बन कर काम करना जारी रखेगी तो रिश्ते चलना मुश्किल होगा। उनके अनुसारहमारा संदेश वह समझ गए और इसीलिए हमें छोड़ गए। हमने कभी किसी सहयोगी को दगा या धोखा नहीं दिया है। लेकिन यह नहीं चल सकता कि कोई हमारे साथ गठबंधन करे और किसी और की बी-टीम बन कर काम करे।हजकां भाजपा गठबंधन तीन साल पहले हुआ था और कुछ समय से दोनों दलों के बीच विवाद चल रहा था। भाजपा से गठबंधन तोडऩे का फैसला करते हुए हजकां अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि भगवा दल ने उनकी पार्टी के साथ छल किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के पूर्व नेता विनोद शर्मा की जन चेतना पार्टी के साथ गठबंधन करेगी। हरियाणा में अक्तूबर माह में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.