पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आज नतीजों का दिन है। शुरुआती रुझानों में एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। महागठबंधन में जहां आरजेडी ने एकतरफा 90 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाई है। वहीं, एनडीए में भाजपा की सीटें जदयू से ज्यादा है।
माना जा रहा है कि अगर भाजपा और जदयू के बीच सीटों की अंतर ज्यादा रहता है और एनडीए सरकार बनाने की स्थिति में होती है तो शायद नीतीश कुमार सीएम पद स्वीकार नहीं करेंगे। कि चुनावी नतीजों में नीतीश के खिलाफ लोगों में गुस्सा देखने को मिला है। ऐसे में नीतीश नहीं चाहेंगे कि वह दोबारा सीएम बने।

चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी 6 से 8 सीटों पर आगे चल रही है। माना जा रहा है कि एलजेपी की ही वजह से जदयू को ज्यादा नुकसान हुआ है। अगर मुकाबला कांटे की रहती है और सरकार बनाने के लिए एनडीए को एलजीपी का समर्थन लेना पड़ता है तो ऐसी स्थिति में एलजेपी नीतीश को समर्थन नहीं देगी।
जाहिर सी बात है कि नीतीश के खिलाफ एलजेपी में गुस्सा था और एलजेपी यह मांग भी कर सकती है कि बीजेपी का ही सीएम कैंडिडेट हो। देखना है कि आने वाले समय में नतीजे क्या रहते है। लेकिन फिलहाल नीतीश कुमार के लिए मुश्किलें ज्यादा दिख रही हैं।

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