आम आदमी पार्टी को लाभ का पद मामले में चुनाव आयोग से बड़ी राहत मिली है। चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 27 विधायकों पर सभी तरह के आरोप खारिज कर दिए है। इस फैसले के चलते सभी विधायकों की सदस्यता रद्द नहीं होगी और वो विधायक बने रहेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी चुनाव आयोग की इस सिफारिश को मंजूरी दे दी है। आरोपों का सामना कर रहे आप के विधायकों ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया था कि वह दिल्ली सरकार के अधिकारियों से जिरह करें।

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के 27 विधायक लाभ के पद के मामले में फंसे थे। इन विधायकों को अलग-अलग अस्पतालों में रोगी कल्याण समिति का चेयरमैन बनाया गया था। कानून के एक विद्यार्थी विभोर आनंद ने चुनाव आयोग को इस मामले में शिकायत दी थी।

विभोर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी के 27 विधायक रोगी कल्याण समिति में अध्यक्ष पद पर तैनात हैं। इस लिहाज से ये मामला लाभ के पद का बनता है, इसलिए इनकी विधायकी रद्द की जाए।

जानकारी के लिए बता दें कि आम आदमी पार्टी के इन 27 विधायकों को तो राहत मिल गई, लेकिन, 20 और विधायक हैं जिन पर संसदीय सचिव पद पर होने के कारण ‘लाभ के पद’ मामला चल रहा है। इस मामले की सुनवाई भी इलेक्शन कमीशन ही कर रहा है।

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