उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। छोटे व्यापारी अब जीएसटी में समाधान योजना का लाभ लेते हुए टर्न ओवर के आधार पर टैक्स जमा कर करेंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर (तृतीय संशोधन) विधेयक 2020 को विधानसभा में शनिवार को मंजूरी दी गई।

केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी में किए गए संशोधन के आधार पर राज्यों को इसमें संशोधन करना होता है। इसके मुताबिक उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर संशोधन विधेयक पास हुआ। इसमें नई धारा-10 जोड़ी गई है। इसके मुताबिक सर्विस प्रोवाइडर को समाधान योजना का लाभ लेने की सुविधा दे दी गई है। अभी तक सर्विस प्रोवाइडर में यह सुविधा सिर्फ रेस्टोरेंट वालों को ही मिल रही थी।

नई व्यवस्था के आधार पर अब छोटे व्यापारी फिक्स यानी तय दर पर टैक्स जमा कर सकेंगे। इसके साथ ही आईटीसी क्लेम में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने की व्यवस्था भी की गई है। मसलन, बिना इनवॉइस के माल लेने वाले वास्तविक लाभार्थियों पर कार्रवाई की व्यवस्था की जाएगी।

जीएसटी व वैट में व्यापारियों को मोहलत
राज्य सरकार ने लॉकडाउन के चलते व्यापारियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए जीएसटी में 31 अगस्त और वैट में 31 अक्तूबर तक जरूरी काम पूरा करने की सुविधा दे दी है। विधानसभा में शनिवार को उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश-2020 और उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर (विधेयक) 2020 को मंजूरी दे दी गई है। इससे लॉकडाउन के दौरान तय अवधि प्रक्रिया पूरी न कर पाने वाले अब नई समय सीमा के अंदर इसे पूरा कर सकेंगे।

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