इस अवसर पर राष्‍ट्रपति ने कहा 1864 में नागपुर नगरपालिका के गठन के बाद से इसका लम्‍बा और शानदार इतिहास है। अपनी लम्‍बी और उत्‍कृष्‍ट यात्रा में इसने बेहतरीन नागरिक सुविधाएं प्रदान करने में विशेष स्‍थान हासिल किया है। नागपुर नगरपालिका ने कई महत्‍वपूर्ण परियोजनाएं लागू की है और नागरिकों के प्रति प्राथमिक जिम्‍मेदारी को बखूबी निभाया है। इसने नागरिक अनुकूल रूख अपनाया है।

राष्‍ट्रपति ने कहा कि आज देश के सम्‍मुख शहरीकरण का प्रबंधन सबसे जटिल समस्‍या है। पानी, बिजली, स्‍वच्‍छता, शिक्षा और अन्‍य सुविधाएं प्रदान करने की चुनौतियों का शीघ्र समाधान निकालना चाहिए। यूरोप और अमेरिका को इस समस्‍या के समाधान में सैंकड़ों वर्ष लगे, लेकिन हमारे देश में लोग अधीर हैं और पूछते हैं कि हमें और कितना इंतजार करना चाहिए। शहरीकरण की चुनौतियों का समाधान लोगों और उनके प्रतिनिधियों द्वारा मिलकर निकाला जाना चाहिए। मतदाताओं और चयनित प्रतिनिधियों के बीच जिम्‍मेदारियों को बांटा जाना चाहिए। जब मतदाता और चयनित प्रतिनिधि अपने कार्य उचित रूप से करेंगे तभी विकास का पहिया बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ेगा।

राष्‍ट्रपति ने नागपुर शहर की सार्वभौमिकता की सराहना की। उन्‍होंने कहा कि देशभर के लोग सेवानिवृत्ति के बाद इस शहर में बसना चाहते हैं। यह इस बात को इंगित करता है कि यहां स्‍थानीय लोगों में सांस्‍कृतिक समावेश के प्रति कितना खुलापन है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि देश के केंद्र के रूप में नागपुर शांतिपूर्ण बदलाव के लिए उत्‍प्रेरक है। हमारे शहरों में एक दूसरे के बीच अ‍सहिष्‍णुता, असहयोग या विद्वेष के लिए कोई स्‍थान नहीं होना चाहिए। प्रत्‍येक व्‍यक्ति को हमारे लक्ष्‍यों को हासिल करने के लिए एक साथ मिलकर रहना, काम करना और विकास करना चाहिए। images

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