bjp logoकानून व्यवस्था को लेकर आक्रोश

विधानसभा में प्रदेश की ध्वस्त कानून व्यवस्था और बढते अपराधों को लेकर भाजपा ने आज सरकार पर आरोप लगाया कि उसके पास अपराधों को रोकने के लिए कोई इच्छाशक्ति ही नहीं बची है और विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए। प्रश्नकाल के दौरान आज भाजपा के सुरेश कुमार खन्ना, लक्ष्मीकांत बाजपेई और रालोद के दलबीर सिंह ने एक लिखित प्रश्न में जानना चाहा कि क्या मुख्यमंत्री प्रदेश में बढते अपराधों को रोकने के लिए कोई कारगर नीति बनाने पर विचार कर रहे है।
मुख्यमंत्री की तरफ से प्रदेश के संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को चाक चौबंद करने तथा अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए न केवल सरकार संवेदनशील है बल्कि हरसंभव उपाय भी किए जा रहे है। खां ने बताया कि अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए कानपुर में आधुनिक कंट्रोल रुम की स्थापना की गई और लखनउू, गाजियाबाद और इलाहाबाद में भी कंट्रोल रुम की स्थापना की कार्यवाही चल रही है। संसदीय कार्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि थानों पर सरकार के दबाव डालने के आरोप जिस ढंग से लगाए जा रहे है वह पूरी तरह से गलत हैं और कहा कि वे कभी भी थानों को टेलीफोन नहीं करते। मुजफ्फरनगर कांड को भी लेकर भी थाने पर फोन करने का आरोप लगाया गया था जो पूरी तरह बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि अपराधों की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर गश्त और पिकेट लगाया गया तथा साथ ही महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए भी ‘वूमन पावर हेल्प लाइन-1090Ó की शुरुआत की गई है और न्यायालय में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए गए है।

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