वोटों की गिनती में सिर्फ 45 दिन रह गए हैं। एक और जहां सियासी पार्टियों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। वहीं दूसरी और लगातार हो रहे सर्वे में सामने आया है कि देशभर में मोदी लहर दिखाई दे रही है। सीएसडीएस यानि सेंटर फॉर स्टडी ऑफ डेवेलपिंग सोसायटीज के सर्वे की मानें तो बिहार और झारखंड में बीजेपी सभी राजनीतिक पार्टियों पर भाडी पडेगी। बिहार की अहमियत राज्य में लोकसभा की 40 सीटें हैं। भाजपा को राज्य में मोदी लहर का भरोसा है।
वहीं, nitish-kumar265_1304496939के सामने गढ़ बचाने की चुनौती है। राज्य में मोदी बनाम नीतीश की लडाई की अग्निपरीक्षा होगी। साथ ही लालू.कांग्रेस को वोटों के धुवीकरण की उम्मीद है। सर्वे में जब बिहार की जनता से ये पूछा गया कि वो जेडीयू सरकार से कितनी संतुष्ट है तो 32 पर्सेट लोग जेडीयू सरकार के कामकाज से संतुष्ट दिखेए जबकि 4 पर्सेट लोग केंद्र की यूपीए सरकार से संतुष्ट नजर आए। बिहार के चुनावी मुद्दों की बात करें तो सर्वे में 29 पर्सेट लोगों ने महंगाई को चुनावी मुद्दा माना। 20 पर्सेट लोगों की राय में विकास और अर्थव्यवस्थाए 15 पर्सेट लोगों के लिए रोजगार, 7 पर्सेट के लिए भ्रष्टाचार और 6 पर्सेट लोगों ने बिजली को चुनावी मुद्दा बताया। सर्वे के मुताबिक सबसे ज्यादा 43 पर्सेट वोट यूपीए के खाते में जाने का अनुमान है। इसके बाद 28 पर्सेट वोट यूपीए कोए 16 पर्सेट वोट जेडीयू को और महज 2 पर्सेट वोट जेडीयू को मिलने की संभावना है। सर्वे के मुताबिक 42 पर्सेट लोग नरेंद्र मोदी को पीएम बनाने के पक्ष में दिखे। वहींए 10 पर्सेट लोग राहुल गांधी को और 4 पर्सेट लोग सोनिया गांधी को पीएम बनाने के पक्ष में थे। वहीं 9 पर्सेट लोग नीतीश कुमार को और 6 पर्सेट लोग लालू यादव को बतौर पीएम देखना चाहते थे। सर्वे के मुताबिक 30 पर्सेंट वोट कांग्रेस.जेएमएम.आरजेडी गठबंधन को मिल सकता है। वहीं 44 पर्सेंट वोट बीजेपी के खाते में आने संभावना है। इसके अलावा 5 पर्सेट वोट बाबूलाल मरांडी की पार्टी जेवीएम.पी को और 2 पर्सेट वोट आप के खाते में जाने की संभावना है। सर्वे के मुताबिक 39 पर्सेट आदिवासी वोट बीजेपी को और 29 पर्सेट आदिवासी वोट कांग्रेस.जेएमएम.आरजेडी को मिल सकते हैं।

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