पटना: महागठबंधन में सीटों को लेकर बिखराव और खींचतान जारी है. उपेन्द्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी पहले ही महागठबंधन का साथ छोड़ चुके हैं और अब कांग्रेस भी आरजेडी के 58 सीट के ऑफर पर सहमत होती नहीं दिख रही है. आरजेडी से बात अभी बनी नहीं और इधर, कांग्रेस ने दिल्ली में अपनी स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक बुला ली.
स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक में कांग्रेस का मंथन
दिल्ली में हुई स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक में कमिटी के अध्यक्ष अविनाश पांडे, बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, बिहार अध्यक्ष मदन मोहन झा, विधायक दल के नेता सदानंद सिंह भी शामिल थे. अंदरखाने से जो खबर आ रही है वो ये है कि कांग्रेस ने बिहार में अपनी सिटिंग सीटों पर उम्मीदवारों को सिंबल देने का फैसला कर लिया है.2015 के चुनाव में कांग्रेस 41 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और 27 उम्मीदवार विजयी रहे थे.
कांग्रेस को 70 सीट से कम स्वीकार नहीं
गौरतलब है कि आरजेडी ने कांग्रेस को विधानसभा की 58 सीट और एक लोकसभा सीट वाल्मीकिनगर का ऑफर दिया है. लेकिन कांग्रेस को 70 सीट से कम स्वीकार नहीं है. स्क्रीनिंग कमिटी के अध्यक्ष अविनाश पांडे साफ कर चुके हैं कि अगर गठबंधन में सम्मानजनक सीटों पर समझौता नहीं हुआ तो कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी करेगी.
एलजेपी से मिला सकती है हाथ
खबर ये भी है कि कांग्रेस प्लान-बी पर भी काम कर रही है. अगर आरजेडी से बात नहीं बनी तो कांग्रेस एक नया गठबंधन अपनी अगुवाई में बना सकती है, जिसमें उपेन्द्र कुशवाहा, पप्पु यादव यहां तक की चिराग पासवान को भी साथ ले एक नए गठबंधन का स्वरूप बनाने की चर्चा है. लेकिन जबतक आरजेडी को लेकर गठबंधन या फिर अकेले चुनाव लड़ने के संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं होता है, कांग्रेस इंतजार करेगी.

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