कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और बीजेपी के बीच जंग छिड़ गई है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सिलीगुड़ी में कहा है कि कोरोना महामारी के कारण सीएए को लागू करने में देरी हुई, लेकिन अब जल्द ही यह कानून लागू किया जाएगा. नड्डा के इस बयान पर लोकसभा से टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने पलटवार किया है.
महुआ मोइत्रा ने क्या कहा है?
महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया है, ‘’ जेपी नड्डा कह रहे हैं कि राज्य में जल्द सीएए लागू किया जाएगा. बीजेपी सुन ले, हम आपको कागज दिखाने से पहले ही दरवाजा दिखा देंगे.’’ तृणमूल कांग्रेस ने सीएए का संसद से सड़क तक पुरजोर विरोध किया है.

जेपी नड्डा ने क्या-क्या कहा था?
जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सरकार पर ‘‘फूट डालो और राज करो’’ की नीति पर चलने का आरोप लगाया और विश्वास जताया कि प्रदेश में अगली सरकार बीजेपी की बनेगी. नड्डा ने कहा, ‘‘आपको सीएए मिलेगा और मिलना तय है. अभी नियम बन रहे हैं. कोरोना के कारण थोड़ी रूकावट आई है. जैसे-जैसे कोरोना हट रहा है, नियम तैयार हो रहे हैं. बहुत जल्द आपको उसकी सेवा मिलेगी. इसको हम पूरा करेंगे.’’
बीजेपी इसे लागू करने को लेकर प्रतिबद्ध- नड्डा
नड्डा ने आगे कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक संसद से पारित होने के बाद कानून बन चुका है और बीजेपी इसे लागू करने को लेकर प्रतिबद्ध है. नड्डा ने सीएए को लेकर ये बातें तब कहीं जब स्थानीय लोगों ने उनसे इसे जल्द से जल्द क्रियान्वित करने का आग्रह किया. उनका कहना था कि उत्तर बंगाल में पूर्वी पाकिस्तान से आए बड़ी संख्या में शरणार्थियों की आबादी है.
राज्य में अगले साल हैं विधानसभा के चुनाव
मालूम हो कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और सीएए के पक्ष में स्थानीय लोगों की भावनाएं हैं. इसी पर सवार होकर बीजेपी ने क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की है. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने इस क्षेत्र की आठ में से सात सीटें जीती थी. राज्य में विधानसभा का चुनाव अगले साल होना है. बीजेपी ने अपनी स्थिति मजबूत करते हुए प्रमुख विपक्षी पार्टी के रूप में स्थापित किया है. ममता बनर्जी सत्ता में वापसी के लिए प्रयासरत हैं. उत्तरी बंगाल में राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा की 54 सीटें हैं.

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