वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के विस्तार पर अंकुश लगाने के लिए अपनी टीम के साथ जुटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ग्राम रोजगार सेवकों को बड़ी आर्थिक मदद दी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में अपने कार्यालय में बैठक के दौरान करीब 36 लाख रोजगार सेवकों के खाते में उनके मानदेय की धनराशि ट्रांसफर की।

सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ में इस दौरान ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह तथा राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह तथा सीएम योगी आदित्यनाथ की टीम-11 के अफसर तथा मंत्री थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से ग्राम रोजगार को मानदेय की 225 करोड़ 39 लाख रुपया देने के साथ ही एक दर्जन से अधिक लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात भी थी।

कन्नौज, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर तथा प्रतापगढ़ के रोगजार सेवकों के साथ वार्ता के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ से उनको प्रोत्साहित किया। इस दौरान वाराणसी की प्रेमलता को एक लाख 35 हजार रुपया तथा कन्नौज, प्रतापगढ़ व गोरखपुर के ग्राम रोजगार सेवकों को 50-50 हजार से अधिक रुपया प्रदान किया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी रोजगार सेवकों से अधिक से अधिक रोजगार की संभावना तलाशने को कहने के साथ ही उनका हौसला बढ़ाया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मई के अंत तक प्रदेश में हमको 50 लाख लोगों को रोजगार देना है। इन सभी को रोजगार देने में ग्राम रोजगार सेवकों की जिम्मेदारी बढ़ेगी। इसके लिए हम सभी को तैयार रहना होगा।

उन्होंने ग्राम्य विकास मंत्री, राज्य मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग तथा ग्राम्य विकास आयुक्त के साथ ही भारतीय स्टेट बैंक लखनऊ अंचल की मुख्य महाप्रबंधक सलोनी प्रसाद को धन्यवाद दिया।

ट्विटर इंडिया पर ट्रेंड करता रहा ‘श्रम योगी’

ट्विटर इंडिया पर हैश टैग श्रम योगी सोमवार को लगातार टॉप में ट्रेंड करता रहा। यूजर कोविड-19 की महामारी को लेकर योगी सरकार द्वारा प्रदेश के गरीबों, श्रमिकों, वृद्धों और दिव्यांगों के लिए की गई व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारियों को ट्वीट और रिट्वीट कर रहे थे। गौरव त्यागी नाम के यूजर ने हैशटैग श्रम योगी के साथ ट्वीट करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश में कहीं भी साइकिल से या पैदल जा रहे श्रमिकों को बसों में बैठाकर उनके घर तक पहुंचाया जा रहा है। योगी सरकार द्वारा श्रमिकों राशन व एक हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता भी दिया जा रहा है

अंकित नाम के यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि योगी सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यवस्था की जा रही है, ताकि भविष्य में श्रमिक भाइयों को अन्य राज्यों में न भटकना पड़े। विपिन नाम के यूजर ने ट्वीट किया कि देश की सबसे अधिक आबादी वाले राज्य ने इस वैश्विक महामारी से जिस प्रकार से खुद को संभाला है, वह प्रशंसायोग्य है। योगी सरकार निरंतर कामगारों व श्रमिकों के हित में फैसला ले रही है।

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