नदियों को जोड़ने की परियोजना के प्रभावों को लेकर कुछ पर्यावरणविदों की चिंताओं के बीच जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि इस परियोजना से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हो।

उन्होंने नदियों को जोड़ने के लिए बनाई गयी विशेष समिति की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि नदियों को जोड़ने की परियोजना पर उच्चतम न्यायालय नजर रख रहा है और किसी को इस मुद्दे पर केंद्र की ईमानदारी पर संदेह नहीं करना चाहिए। राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना में अनेक राज्यों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए उमा ने कहा कि अगर राज्य सरकारों की कुछ आशंकाएं हैं तो समिति की अगली बैठक में उन पर चर्चा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के व्यापक लाभ होंगे।

सरकार की एक विज्ञप्ति के मुताबिक कुछ पर्यावरणविदों की चिंताओं का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि इस परियोजना से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हो। भारती ने कहा कि वह परियोजना में विशेष रचि ले रहीं हैं और संबंधित मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगी।

उन्होंने बैठक में कहा कि बुधवार को वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगी और उनके साथ दमनगंगा-पिंजल तथा पार-तापी-नर्मदा नदियों को जोड़ने की परियोजना पर बातचीत करेंगी। उच्चतम न्यायालय ने साल 2012 में नदियों को जोड़ने की परियोजना के लिए एक विशेष समिति बनाने का निर्देश दिया था।uma

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