अपने बड़बोलेपन की वजह से अक्सर सुर्खियों में रहने वाली कांग्रेस नेता और चांदनी चौक विधासभा से पूर्व विधायक अलका लांबा एक बार फिर चर्चा में हैं। अलका लांबा ने 25 मई की रात ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस बाबत अलका के खिलाफ लखनऊ के हजरत गंज थाने में एफआइआर भी दर्ज हुई।

इसकी सूचना पर कांग्रेस नेता अलका लांबा मंगलवार को ट्विटर पर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ और हमलावर हो गईं और ‘हैशटैग भाजपा से सवाल करो’ से एक के बाद एक कई ट्वीट किए। इस पर भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने अलका को ट्विटर पर ही नैतिकता का पाठ पढ़ाया और नारी होने का फायदा उठा पुरुषों के सम्मान की धज्जियां नहीं उड़ाने की भी नसीहत दे डाली

ट्वीटर पर ट्रेंड करता रहा अलका लांबा हैशटैग

वहीं ट्विटर पर अरेस्ट अलका लांबा हैशटैग भी ट्रेंड करता रहा। अलका ने ट्वीट में कहा, एफआइआर होने के बाद मैंने फैसला लिया है कि मैं अपने कहे शब्दों को ना तो वापस लूंगी और ना ही उसके लिए किसी से कोई माफी मांगूंगी। मुझे जो भी सजा मिलेगी मैं उसे अपनी बेटियों के सम्मान में खुशी खुशी स्वीकार करूंगी।

वहीं, इस पर शाजिया इल्मी ने ट्वीट किया कि अपनी अभ्रद सोच को जो आपने पीएम नरेंद्र और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के बारे में व्यक्त की है, उसे ‘बेटी के सम्मान’ जैसे अल्फाज का हिजाब ना पहनाएं। यह सुविधाजनक लैंगिक समानता के खोखले पाठ आपकी भद्दी मानसिकता दर्शाते हैं। नारी होने का फायदा उठाकर आप पुरुषों के सम्मान की धज्जियां नहीं उड़ा सकतीं।

यहां पर बता दें कि अपने बेबाक बयान और आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए चर्चा में रहने वालीं अलका लांबा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 से पहले कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी। उन्होंने चांदनी चौक सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उनकी जमानत तक नहीं बची थी।

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