इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला अपने पिता और पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के 100वें जन्मदिवस पर आज यहां एक रैली को सम्बोधित किए जाने से बाद बड़े संकट और कानूनी पचड़े में पड़ सकते हैं। चौटाला को केंद्रीय जांच व्यूरो की अदालत ने राज्य में जेबीटी शिक्षक भर्ती मामले में दस साल की सजा सुनाई है तथा वह स्वास्थय कारणों से इस समय जमानत पर हैं।

अदालत ने उन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से बाहर नहीं जाने तथा किसी राजनीतिक जनसभा को सम्बोधित न करने के हलफनामे दायर किए जाने के बाद भी सशर्त जमानत दी हुई है। लेकिन चौटाला न केवल रैली में आए बल्कि उन्होंने रैली को भी सम्बोधित भी किया जोकि सीधे सीधे अदालत के आदेश को चुनौती है। अब देखना यह है कि अदालत चौटाला के जमानत की शर्तों की अवज्ञा के मद्देनजर क्या रूख अपनाती है।images (4)

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