lalu_10914रांची। झारखंड की राजधानी रांची में सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के नियमित मामले 38ए/96 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि एक मामले में सजा होने के बाद एक ही तरह के आरोप में दूसरे मामले में उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एके राय की अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए लालू यादव की इस याचिका को खारिज कर दिया। लालू यादव के अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि चारा घोटाल के नियमित मामले 20ए/96 में श्री यादव को सजा सुनाई जा चुकी है। इसलिए एक ही तरह के आरोप में उन पर दूसरा मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है।
गौरतलब है कि चारा घोटाला का नियमित मामला 38ए/96 झारखंड के दुमका कोषागार से तीन करोड़ 97 लाख रुपये की अवैध निकासी का है। चारा घोटाले के समय एकीकृत बिहार के समय कुल 64 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 41 मामले तत्कालीन सरकार के अधिकारियों ने थाने में दर्ज कराए थे।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई को इसकी जांच सौपे जाने के बाद सीबीआई ने अपनी जांच और सूचनाओं के आधार पर 23 मामले दर्ज किए थे। इनमें से सात मामले तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ दायर किए गए। चारा घोटाले के कुल 64 मामले में से तीन में क्लोजर रिपोर्ट दायर की गई थी। बिहार विभाजन के बाद इन 61 मामलों में से 53 मामले झारखंड को स्थानांतरित कर दिए गए। जबकि आठ मामले बिहार में रहे। सीबीआई ने 61 मामलो में कुल 538 लोगों को अभियुक्त बनाया था और जांच के बाद उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

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