प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी शुक्रवार सुबह 9 बजे देशवासियों को वीडियो संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के बाद लॉकडाउन के आज नौ दिन पूरे हुए हैं। इस दौरान आप सभी ने अनुशासन और सेवा भाव का परिचय दिया है, वह अभूतपूर्व है। शासन-प्रशासन और जनता जनार्दन ने मिलकर स्थिथि को संभालना का भरपूर प्रयास किया है। आपने जिस तरह से 22 मार्च को कोरोना के खिलाफ लड़ने वाले हर किसी का धन्यवाद किया, वो भी सभी देशों के लिए एक मिसाल बन गया है। आज कई देश इसको दोहरा रहे हैं। जनता कर्फ्यू हो, घंटी बजाने, थाली बजाने का कार्यक्रम हो, इन्होंने इस चुनौतीपूर्ण समय में देश को इसकी सामूहिकक शक्ति का एहसास करेगा। यह भाव प्रकट किया कि देश कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ सकता है। लॉकडाउन के समय में आपकी सामूहिकता चरितार्थ होती नजर आ रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि ये लॉकडाउन का समय जरूर है,हम अपने अपने घरों में जरूर हैं, लेकिन हम में से कोई अकेला नहीं है। 130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति हर व्यक्ति के साथ है, हर व्यक्ति का संबल है। हमारे यहां माना जाता है कि जनता जनार्दन, ईश्वर का ही रूप होते हैं। इसलिए जब देश इतनी बड़ी लड़ाई लड़ रहा हो, तो ऐसी लड़ाई में बार-बार जनता रूपी महाशक्ति का साक्षात्कार करते रहना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि और उस समय यदि घर की सभी लाइटें बंद करेंगे तो चारो तरफ जब हर व्यक्ति एक-एक दीया जलाएगा तब प्रकाश की उस महाशक्ति का ऐहसास होगा, जिसमें एक ही मकसद से हम सब लड़ रहे हैं, ये उजागर होगा। पीएम मोदी ने कहा कि इस रविवार यानी 5 अप्रैल को हम सबको मिलकर कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है। उसे प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है। इस पांच अप्रैल को हमें 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है। 130 करोड़ लोगों के महासंकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। 5 अप्रैल को रात नौ बजे आप सबके नौ मिटन चाहता हूं। पांच अप्रैल को रविवार को रात नौ बजे, घर की सभी लाइटें बंद करके, घर के दरवाजे या बालकनी में खड़े रहकर नौ मिनट तक मोमबत्ती, दीया या टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने गुरुवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था, ‘सुबह 9 बजे देशवासियों के साथ मैं एक वीडियो संदेश साझा करूंगा।’ माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करने के साथ लोगों से लॉकडाउन के सख्ती से पालन की अपील करेंगे।देश में अब तक दो हजार से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। हर दिन नए केस सामने आ रहे हैं। इससे पहले 24 मार्च को रात आठ बजे देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 21 दिनों के संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की थी। इसके बाद से देश में रेल, बस सहित सभी परिवहन सेवाएं 14 अप्रैल तक के लिए जहां ठप कर दी गईं वहीं लोगों के बाहर निकलने पर लोक लगा दी गई है। मोदी ने तब कहा था कि विशेषज्ञों की सलाह पर लॉकडाउन किया जा रहा है। कोरोना से बचाव के लिए यही एकमात्र कठोर रास्ता बचा था।

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