बाबू के दफ्तर पर ताला, एक की तैनाती ‘अवैध घोषित एजेंसी। नयी दिल्ली पिछले कुछ समय से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच चल रहे टकराव का आज एक अलग ही रूप सामने आया, जब दिल्ली के एक शीर्ष नौकरशाह के कार्यालय पर ताला जड़ा मिला और एक अन्य की नियुक्ति को ‘अवैध  घोषित कर दिया गया। दिन चढ़ते ही मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के बीच टकराव का एक अलग ही मंजर सामने आया, जब आप प्रशासन ने प्रधान सचिव (सेवा) अनिंदो मजूमदार के कमरे पर ताला जड़ दिया और उसके बाद वरिष्ठ नौकरशाह और केजरीवाल के चहेते राजेन्द्र कुमार को इस पद पर नियुक्त कर दिया गया। दरअसल मजूमदार ही वह अधिकारी हैं, जिन्होंने शकुंतला गैमलिन को मुख्य सचिव के तौर पर नियुक्त किए जाने के आदेश को शुक्रवार को अधिसूचित किया था। कुमार की नियुक्ति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जंग ने केजरीवाल को एक पत्र लिख मारा, जिसमें मजूमदार के स्थान पर उनकी नियुक्ति को ‘अवैध ठहराया गया और साथ ही साफ तौर पर कहा गया कि वरिष्ठ नौकरशाहों के तबादले और नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार उनके पास है। यह पत्र जैसे ही मीडिया में पहुंचा उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, हैरानी है कि एक संवैधानिक अधिकरण मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र उन तक पहुंचने से पहले ही लीक कर रहा है। क्या भारत के संविधान में इसकी इजाजत है। इससे पहले दिन में मजूमदार को दिल्ली सचिवालय में अपने कार्यालय पर ताला जड़ा मिला। सरकार में सूत्रों ने बताया कि कार्यालय पर ताला लगाने का आदेश मुख्यमंत्री के कार्यालय से आया है। मजूमदार का केजरीवाल ने शनिवार को तबादला दूसरे विभाग में कर दिया था क्योंकि उन्होंने जंग के निर्देश पर गैमलिन को नियुक्ति पत्र जारी किया था। उपराज्यपाल ने उसी शाम मजूमदार के तबादले को ‘अवैध करार दिया और कहा कि इस फैसले पर उनकी मंजूरी नहीं है। केजरीवाल को भेजे अपने पत्र में जंग ने कहा कि उन्होंने कुमार की नियुक्ति को नामंजूर कर दिया है क्योंकि यह निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के खिलाफ है।

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