2014_03_21_06_49_15_Satpal-Maharaj2ना ना करते सतपाल महराज भाजपा में शामिल हो गए। कांग्रेस का सतपाल महराज ने पहले दोहन किया और ऐन चुनाव के समय उन्हें भाजपा की सुधि आई। सतपाल महाराज कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए हैं। आज पौड़ी से सांसद सतपाल महाराज भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हुए। राजनाथ सिंह ने उनका पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि इससे उत्तराखंड में भाजपा और मजबूत होगी। सतपाल महाराज के इस कदम से कांग्रेस को गहरा झटका लगा है।
इस मौके पर सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में आई आपदा के बाद सिर्फ मुआवजा देकर सरकार ने लोगों की उपेक्षा की। इतना ही नहीं उन्होंने वहां अपने कार्यकर्ताओं और खुद अपनी उपेक्षा किए जाने का भी आरोप कांग्रेसी नेताओं पर लगाया। सतपाल महाराज का कहना था कि वह किसी लालच से नहीं आए हैं बल्कि उत्तराखंड का विकास करने के मुद्दे को लेकर भाजपा में शामिल हुए हैं।
गौरतलब है कि भाजपा ने उत्तराखंड में अपने सभी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है।
कांग्रेस के इस बड़े नेता के पार्टी छोडऩे के पीछे सतपाल महाराज और राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री हरीश रावत के बीच की अनबन बताई जा रही है। बीते दिन हरीश रावत ने एक बयान में कहा था कि राज्य की पांच में तीन सीटों पर कांग्रेस की जीत पक्की हैए जिन दो सीटों को छोड़ा गया था उनमें से एक सतपाल महाराज की सीट पौड़ी भी है। इसी बात से सतपाल नाराज चल रहे थे। भाजपा ने उत्तराखंड की पांचों सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी हैए ऐसे में सतपाल महाराज भाजपा की टिकट पर लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। खबर यह भी है कि सतपाल महाराज के साथ उत्तराखंड से कांग्रेस के 6 विधायक जा सकते है। यदि ऐसा होता है तो राज्य में कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ सकती है।
लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के नेताओं का कांग्रेस छोडऩे का सिलसिला लगातार जारी है। इतना ही नहीं कई बड़े नेता हार के डर से चुनाव लडऩे को तैयार ही नहीं हैं। विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस डूबती नाव है।

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